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नेता प्रतिपक्ष के चयन में भी हुई थी वोटों की चोरी

अयोध्या तिवारी के पक्ष में 21 और अमरीश के पक्ष में खुद को मिलाकर थे मात्र 8 पार्षद, अब वह भी नहीं दिख रहे साथ

   कांग्रेस पार्षद दल के प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष के साथ मात्र एक पार्षद और एक पार्षद पति दिखे

जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम में कांगे्रस पार्षद दल में बिखराव स्पष्ट नजर आ रहा है। विगत 6 महीने के ऐसे आंदोलन प्रदर्शन जिन्हें कांग्रेस पार्षद दल के नाम पर किया गया है उनमें काँग्रेस के 29 पार्षद कभी भी एकत्रित नहीं हुए। इसका मुख्य कारण यही रहा है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने द्वारा नेता प्रतिपक्ष के चयन के दौरान पार्षदों की राय और उनकी मर्जी को दरकिनार कर अपना निर्णय थोप दिया गया था। इसी वजह से कांगे्रस के पार्षदों में बिखराव नजर आ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष की रायशुमारी के दौरान पर्यवेक्षक के रूप में वरिष्ठ कांगे्रस नेता सुखदेव पांसे और विभाष जैन के समक्ष पहले चरण में कांगे्रस के 29 में से 21 पार्षदों ने प्रखर वक्ता अयोध्या तिवारी के पक्ष में नेता प्रतिपक्ष के लिए अपनी सहमति व्यक्त की थी केवल 8 पार्षदों ने अमरीश मिश्रा के पक्ष में सहमति दी थी।
उसके बाद कांगे्रस के दो वरिष्ठ प्रभावी नेताओं ने अपने पर्यवेक्षकों से दोबारा बैठक के पूर्व अपने समर्थक पार्षदों को इस बात के लिए तैयार कर लिया था कि वो पर्यवेक्षकों के सामने इस बात पर जोर दें कि उनके नेताओं का निर्णय ही इस बारे में अंतिम होगा और उन्होंने अपने नेताओं को इससे अवगत करा दिया। स्थानीय नेताओं ने पर्यवेक्षकों के समक्ष राजनीतिक दावपेंच में मामले को उलझा दिया और अंत में पार्षदों की आम सहमति दरकिनार हो गई।

उस वक्त तो बड़े नेताओं का लिहाज और पार्टी का लिहाज कर कांग्रेस के पार्षद खून का घूंट पीकर चुपचाप रह गए।
लेकिन अब नेता प्रतिपक्ष को लेकर कांगे्रस के पार्षदों की बेमर्जी का निर्णय कांग्रेस को भारी पड़ रहा है। अब कांग्रेस पार्षद दल की स्थिति यह है कि विगत 6 महीने से कांग्रेस पार्षद दल के नाम पर होने वाले आंदोलन प्रदर्शन में दो-चार-पाँच पार्षद ही पहुँच रहे हैं।
कल के आंदोलन में दिखीं पार्षदों की दूरी
विगत दिवस कछपुरा ब्रिज पर बनाई जा रही सडक़ की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्षद दल के नाम पर प्रदर्शन किया गया। नगर निगम के कामों की खामियों और कमजोरी बताना विपक्ष का काम है। लेकिन कांग्रेस पार्षद दल के इस प्रदर्शन में भी केवल एक पार्षद और एक पार्षद पति की उपस्थिति मात्र होने से एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष को लेकर उपजा असंतोष उभर कर सामने आ गया है। कांग्रेस पार्षदों की इतनी कम उपस्थिति केवल तेजी से पनप रहे असंतोष को परिलक्षित कर रही है।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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