
परितोष वर्मा
जबलपुर (जय लोक)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य में लगातार तेजी आ रही थी, लेकिन अचानक इस कार्य में अवरोध पैदा हो गया है। कारण है कई वर्षों से चले आ रहे राजस्व अमले को सरकार की और से दिए गए सीओजी मोबाइल नंबर का बंद हो जाना। अब जिले के कलेक्टर से लेकर आरआई तथा पटवारियों तक को दिए गए सीओजी नंबर बंद हो गए हैं । इसका कारण यह बताया जा रहा है पहले सरकार की ओर से जो सिम दी गई थी उसका ठेका अम्बानी की जिओ कंपनी से तय हुआ था। अब ऊपरी स्तर पर इस ठेके में फेरबदल हुआ है। सूत्रों के अनुसार अब ठेका वोडाफोन कंपनी को मिल गया है। ठेका बदलने से इस वक्त देश में प्रशासनिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण एसआईआर का काम भी प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार यह ठेका बदलने से पूरे प्रदेश में इस का प्रभाव दिखेगा, लेकिन वर्तमान समय में इसका सर्वाधिक असर जबलपुर जिले में नज़र आ रहा है। जिले में पदस्थ कई पटवारियों और आर आई के सीओजी नंबर बंद हो चुके हैं। यहाँ तक की जिले के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का मोबाइल नंबर भी बदल चुका है।
जय लोक ने जब इस व्यवहारिक समस्या के संबंध में जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से चर्चा की तो उन्होंने जय लोक को बताया कि कमिश्नर लैंड रिकॉर्ड कार्यालय से प्राप्त संदेश के आधार पर पुराने सीयूजी नंबर बंद हुए हैं नंबर आवंटित किए गए हैं। जिला कलेक्टर को भी आवंटित नए नंबर की जानकारी सार्वजनिक तौर पर सोशल मीडिया पेज से दे दी गई है ताकि नागरिकों को परेशानी ना हो। आर आई पटवारियों के नंबर बंद हो जाने के कारण गांव-गांव आने वाले लोगों का संपर्क पटवारियों से टूट गया है जिसके कारण सीधे तौर पर एस ए आर का कार्य प्रभावित हो रहा है। लोगों को भटकने की मजबूरी हो रही है। यहां तक की आर आई पटवारियों को ग्रामीण और अपने कार्यक्षेत्र के लोगों से संपर्क करने में दिक्कत हो रही है। इस समस्या के निराकरण के रूप में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। जिस प्रकार से कलेक्टर को आवंटित नंबर सार्वजनिक किया गया है इस प्रकार से सभी राजस्व विभाग से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के नंबर भी सार्वजनिक प्रसारित किए जाएंगे ताकि इससे संबंधित परेशानी समाप्त हो सके। इन्हें तहसील कार्यालय एवं अन्य संबंधित विभागों में भी सूची के रूप में चस्पा किया जाएगा। ताकि बदले हुए नंबरों से सभी लोगों को जल्द से जल्द अवगत कराया जा सके।
11 लाख से अधिक मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन, पाटन पहले नंबर पर
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य में लगातार तेजी आ रही है। जिले में अभी तक 10 लाख 95 हजार 689 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। यह जिले के 19 लाख 25 हजार 472 मतदाताओं का 56.90 फीसदी है।
यह गणना कल सोमवार की शाम 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार है, आज शाम तक ये आकड़े और अधिक हो जायेंगे। मतदाताओं से प्राप्त भरे हुए गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य में पाटन विधानसभा क्षेत्र जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र में लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है। पाटन विधानसभा क्षेत्र में 68.60 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हो चुका है। गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 68.56 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 67.52 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र पनागर 59.44 फीसदी के साथ चौथे, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट 49.21 फीसदी के साथ पांचवे, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर उत्तर 48.91 के साथ छटवें, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पश्चिम 46.85 फीसदी के साथ सातवें तथा विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व 43.45 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ आठवें स्थान पर है।

76 बीएलओ ने किया अपने बूथ का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के अंतर्गत अभी तक जिले के 76 बीएलओ ने अपने मतदान केन्द्र के शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा करने वाले सभी बीएलओ और उनके सहयोगियों को बधाई दी है। डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा करने में जिले की विधानसभा क्षेत्र सिहोरा के बीएलओ सबसे आगे हैं। सिहोरा विधानसभा के अभी तक 26 बीएलओ द्वारा शत-प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। दूसरे स्थान पर विधानसभा क्षेत्र पनागर तथा तीसरे स्थान पर विधानसभा क्षेत्र पाटन है।

बिहार कांग्रेस में संकट गहराया, 7 नेताओं के निष्कासन से बढ़ा बगावत का खतरा
Author: Jai Lok







