
जबलपुर (जयलोक)। शहर के लोगों को नगर निगम की ओर से प्रदाय की जाने वाली हर मूलभूत सुविधा समय सीमा पर उन्हें मिल सके इस बात के लिए नगर निगम के हर विभाग ने कमर कस ली है। वहीं नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने पूर्व के आयुक्तों द्वारा प्रारंभ किए गए नगर विकास को भी अपनी प्राथमिकता में लिया है। ऐसे संबंधित बड़े कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने के लिए समय सीमा निर्धारित कर गुणवत्ता युक्त कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं।
नगर निगम महापौर की मंशा और आयुक्त के निर्देश से ही विकास कार्यों को गति मिलती है एवं नगर विकास से संबंधित विषयों के निर्णय होते हैं। वर्तमान में इन कार्यों में जो गति नजर आ रही है इसकी मुख्य वजह यह भी है कि महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं आयुक्त आईएएस रामप्रकाश अहिरवार की जुगलबंदी का तालमेल बेहतर स्थिति में कार्य कर रहा है। नागरिकों की भावनाओं के अनुरूप एवं शासन की योजनाओं द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए रोजाना ही नए विकास कार्यों की शुरुआत हो रही है। आने वाले एक साल के बाद जबलपुर में शुरू हो रहे कार्य अपना असर दिखाएंगे।
निगमायुक्त श्री अहिरवार शहर विकास के क्षेत्र में अपने पुराने अनुभवों के आधार पर अच्छी कार्ययोजना और पूरी ऊर्जा के साथ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में एवं जबलपुर के विकास से संबंधित विषयों पर डे-टू-डे डायरी बनाकर काम कर रहे हैं।
निगमायुक्त नियमित रूप से वे सुबह 6-7 बजे से फील्ड पर निकल जाते हैं। इस दौरान उनका सफाई और स्वास्थ्य के चल रहे कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण और समीक्षा कर अगला लक्ष्य निर्धारित करने का रहता है। इसकी बाद आयुक्त सुबह 10 बजे अपने कार्यालय में उपस्थित मिलते हैं और आम जनता की परेशानियों को दूर करने के साथ-साथ नगर निगम के विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की बैठकर कर अपने अधीनस्थों को जिम्मेदारियां सौंपते हैं। दोपहर बाद में पुन: शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों जिसमें पीडब्ल्यूडी, उद्यान, योजना विभागों के कार्य शामिल होते हैं उनका निरीक्षण करते हैं और समय सीमा तय कर अगले निरीक्षण का समय भी तय कर लेते हैं।

रात 10 बजे भी निकालते हैं मैदान में
निगमायुक्त श्री अहिरवार रात 10 बजे भी निरीक्षण के लिए मैदान में उतरते हैं इस दौरान वह योजना विभाग से संबंधित कार्यों जिनमें वर्तमान में प्रमुख रूप से रैनबसेरा की व्यवस्थाओं को देखा जा रहा है। निराश्रितों के लिए वर्तमान में यह सबसे बड़ी जरूरत है जिसे नगर निगम पूरा कर रहा है।

अवकाश के दिन भी तय हो जाता है निरीक्षण का कार्यक्रम
सामान्य रूप से जब शासकीय अवकाश के दिनों में अधिकारियों के आराम फरमाने का समय होता है। इस दौरान भी निगमायुक्त श्री अहिरवार शहर में चल रहे विकास कार्यों के निरीक्षण की योजना तय कर लेते हंै। इसका लाभ ये होता है कि अवकाश के दूसरे दिन जब आफिस खुलते हैं तो संबंधित निदेर्शों पर कार्यवाही शुरू हो जाती है।

हर विभाग में कस रहे नकल
निगम आयुक्त वर्तमान में नगर निगम के विभिन्न विभागों में ढीली डाली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भी फोकस कर रहे हैं। एक-एक कर सभी विभागों में कार्यों के प्रति कसावट लाने का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, योजना बाजार, राजस्व आदि सभी विभागों की नियमित रूप से समीक्षा कर उनके कार्यों के लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। अच्छा कार्य करने वालों को खुले दिल से प्रोत्साहन दिया जा रहा है वही कामचोरों को दंड भी मिल रहा है।
साधन संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी
महापौर और आयुक्त सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि नगर विकास के कार्य में एवं वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग के बेहतर कार्य के लिए किसी भी प्रकार से संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। विगत दिवस वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 100 दिनों के एक्शन प्लान को प्रारंभ करते हुए 32 आधुनिक उपकरणों वाहनों को कार्य करने के लिए रवाना किया गया। आने वाले कुछ दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे।
खुले में निर्माण सामग्री रखने वालों पर जुर्माने की कार्यवाही
आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग, अतिक्रमण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर की सडक़ों पर खुले में निर्माण सामग्री रखने और उसका उपयोग करने वालों के खिलाफ जुर्माना, अधिरोपित करने की कार्यवाही की जाए। सडक़ों पर सामग्री रखने वाले लोगों की इस लापरवाही से शहर की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है। वहीं सडक़ों पर रखी निर्माण सामग्री यातायात को बाधा पहुँचाने और गंदगी करने काम भी करती है। जबकि पूर्व में भी कई बार यह दिशा निर्देश जारी कर किये जा चुके हैं कि निर्माण सामग्रियों को किस प्रकार से रखना है निर्माणधीन भवन को हरी नेट या फिर पन्नी से ढाक कर रखना है। समय-समय पर धूल ना उड़े इसलिए पानी का छिडक़ाव भी करना है।
Author: Jai Lok







