
जबलपुर (जयलोक)। धान उपार्जन की प्रक्रिया में बिचौलियों और व्यापारियों के खेल को बिगाडऩे के लिए जिला प्रशासन ने अपना नया दांव चला है और धान के अवैध भंडारण के बारे में जानकारी देने वालों को ईनाम देने की घोषणा की है। सूचना देने के लिए दो मोबाईल नंबर भी जारी किये गये हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूर्णत: गुप्त रखा जाएगा। प्रशासन के इस कदम से बिचौलियों और व्यापारियोंं में हडक़ंप मचा हुआ है।
धान के अवैध संग्रहण की सूचना देने वालों को नगद पुरस्कार देने की यह पहल कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर की गई है।

इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ व्यापारी और बिचौलिए किसानों से कम मूल्य पर धान खरीद कर या अन्य जिलों से लाकर इसे फर्जी तरीके से किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों पर बेचने का प्रयास करते हैं। यह कृत्य न केवल शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाता है, बल्कि वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित करता है। इस पर नागरिकों के सहयोग से ही ज्यादा प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है। धान के अवैध संग्रहण की सूचना देने वाले नागरिकों को पुरस्कार जब्त की गई धान की मात्रा के अनुसार प्रदान किए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति 100 क्विंटल से 200 क्विंटल तक अवैध धान भंडारण की सूचना देता है, तो उसे 5 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा।

वहीं, 200 क्विंटल से 500 क्विंटल तक की जानकारी के लिए 11 हजार रूपये की पुरस्कार राशि दी जायेगी। इसी प्रकार 500 क्विंटल से अधिक धान के अवैध संग्रहण की सूचना देने वाले सूचनादाता को 21 हजार रूपये का नकद इनाम दिया जाएगा। धान के अवैध संग्रहण की सूचना नागरिकों द्वारा सीधे कलेक्टर जबलपुर के सीयूजी मोबाईल नंबर 6269113327 अथवा संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के सीयूजी मोबाईल नंबर 6269113387 पर दी जा सकेगी। नागरिकों द्वारा इन नम्बरों पर व्हाट्सएप के माध्यम से बिचौलियों की जानकारी, फोटो, या वीडियो भी प्रदान किए जा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूर्णत: गुप्त रखा जाएगा। ज्ञात हो कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 1 दिसंबर से 20 जनवरी तक किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जायेगी।
सिकमी पंजीयन सूची फेसबुक पर, शिकायतें रहेंगी गोपनीय
जिले में धान उपार्जन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार जिले के उन किसानों की सूची, जिन्होंने सिकमी पर पंजीयन कराया है, अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।

यह सूची कलेक्टर जबलपुर के आधिकारिक फेसबुक पेज पर अपलोड की जाएगी ताकि हर किसान इसका अवलोकन कर सके। प्रशासन का उद्देश्य है कि पंजीयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, गलत प्रविष्टि या फर्जी पंजीयन की पहचान की जा सके। यदि किसी किसान को लगे कि किसी व्यक्ति का पंजीयन गलत है या वह वास्तविक रूप से सिकमी किसान नहीं है, तो वह इसकी शिकायत सीधे जिला प्रशासन को कर सकेगा। शिकायत के लिए कलेक्टर का सीयूजी मोबाइल नंबर 62691 13327 तथा संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन का मोबाइल नंबर 62691 13387 जारी किया गया है।
ललिता को मदद की दरकार, माता-पिता की मौत के बाद रिश्तेदारों ने भी छोड़ा साथ
Author: Jai Lok







