
रहवासी और बाजार क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टर खतरनाक साबित हो रहे हैं
जबलपुर (जय लोक)। शहर में इन दिनों सडक़ हादसों को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं और सडक़ हादसों को रोकने के लिए क्या प्रयास होना चाहिए इस पर भी चर्चाएं हो रही हैं।
यातायात के जानकार यह बता रहे हैं कि सडक़ हादसों को रोकने के लिए जो उपाय किया जाना चाहिए उनमें सबसे जरूरी उपाय यह है कि शहर के बीचों-बीच सघन बस्तियों में और बाजार क्षेत्र में संचालित हो रहे ट्रांसपोर्ट के कारोबार को सबसे पहले बंद कराया जाना निहायत जरूरी है। सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट के कारोबारी रानीताल, आगा चौक से लेकर दमोह नाका और दमोह नाका से लेकर आईटीआई तक के मार्ग और बल्देवबाग से लेकर उखरी मार्ग और बल्देवबाग से लेकर सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग पर ट्रांसपोर्टों का कारोबार संचालित है। इन ट्रांसपोर्टों के दिन भर बाहर भेजे जाने वाले सामान को लाने ले जाने वाले वाहनों की सबसे ज्यादा धमाचौकड़ी मची रहती है। इन ट्रांसपोर्टों के यहां बाहर भेजने के लिए दिन भर जो सामान आता है उसे शाम के समय सडक़ों के ऊपर ट्रकों को खड़ा करके बाहर भेजे जाने वाले सामानों को लोड किया जाता है। बल्देवबाग क्षेत्र में तो जब सामान की लोडिंग का काम चलता है तब तो पैदल चलने वालों का भी सडक़ से आना जाना मुश्किल हो जाता है।

स्कूलों के पास संचालित हैं ट्रांसपोर्टों के कारोबार
जिन सघन क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टों के कारोबार संचालित हैं वहां पर बड़े-बड़े स्कूल भी संचालित हो रहे हैं। कई ट्रांसपोर्ट तो ठीक स्कूलों के सामने और उनके आजू-बाजू भी संचालित हो रहे हैं। यातायात के हालात उस समय बिगड़ जाते हैं जब स्कूल की बसें छुट्टी के बाद निकलती हैं और तभी ट्रांसपोर्ट के ट्रक भी आवाजाही करते हैं। तब यातायात में अवरोध होता है और जाम भी लग जाता है।

सडक़ों पर खड़े रहते हैं ट्रक
रानी ताल से लेकर दमोह नाका तक और तथा अन्य मुख्य मार्गों पर दिनभर सडक़ के किनारे ट्रक खड़े रहते हैं कई जगह तो इनकी कतार लगी रहती है। यह ट्रक बेवजह यातायात में अवरोध बने रहते हैं। कई बार खड़े ट्रैकों से वाहनों के टकराने की घटनाएं भी घट चुकी है।

नो एंट्री में भी घुसते हैं ट्रक
ट्रकों की आवाजाही के लिए नो एंट्री का समय भी निश्चित है। लेकिन जिन क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट का कारोबार संचालित है वहां ट्रकों की आवाजाही को लेकर किसी भी तरह की बंदिश नहीं है और यह ट्रक नो एंट्री के समय में भी आते जाते रहते हैं। इन पर यातायात पुलिस की किसी तरह की निगरानी नहीं रहती है।
Author: Jai Lok







