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जर्जर स्कूल में पढऩे को मजबूर हुए छात्र

दीक्षितपुरा शासकीय स्कूल में छात्रों का भविष्य और जान खतरे में

जबलपुर (जयलोक)। शिक्षा के लिए राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा तरह तरह की योजनाएं चलाईं जा रही हैं। कोई भी शिक्षा से वंचित ना रहे इसके लिए इन योजनाओं पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है लेकिन क्या यह पैसा वास्तव में शिक्षा कार्य में खर्च किया जा रहा है या नहीं इसका उदाहरण दीक्षितपुरा शासकीय स्कूल को देखकर मिलता है। इस स्कूल का भवन काफी जर्जर हालत में हैं। जिसको देखते हुए शासन की ओर से स्कूल में कक्षा ना लगाए जाने के आदेश भी दिए थे लेकिन इस आदेश का कुछ दिनों ही पालन हुआ और फिर से यहां कक्षाएं संचालित की जाने लगीं।

इस मामले में वार्ड पार्षद हर्षित यादव ने आवाज उठाते हुए बच्चों के जान और भविष्य की चिंता जाहिर की है। श्री यादव ने बताया कि बल्देवबाग शासकीय स्कूल में कक्षा 1 से 5वीं तक कक्षाएं संचालित की जाती हैं। जिसमें करीब 150 छात्र-छात्राएं यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम की बड़ी लापरवाही यह है कि यह स्कूल काफी जर्जर हालत में है इसके बाद भी छात्रों की जान की परवाह ना करते हुए यहां कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जबकि पिछले वर्ष जिला प्रशासन की आरे से इस स्कूल के भवन को जर्जर घोषित कर यहां कक्षाएं संचालित ना करने के आदेश दिए थे।

श्री यादव ने कहा कि नगर निगम पिछले 20 सालों से शिक्षा उपकर ले रहा है लेकिन इस राशि को स्कूलों के मरम्मत कार्य के लिए खर्च नहीं किया जा रहा है। श्री यादव ने बताया कि दीक्षितपुरा शासकीय स्कूल में शिक्षकों की कमी भी है। यहां एक ही कमरे में कक्षा पहली से लेकर 5वीं तक की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। श्री यादव ने बताया कि स्कूल के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन की टीम हरकत में आई और अब स्कूल के निरीक्षण के लिए गुरूवार को टीम पहुँची और स्कूल के मरम्मत कार्य का आश्वासन दिया गया है।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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