Download Our App

Home » Uncategorized » मेडिकल में जूनियर नर्सों के साथ हो रहा भेदभाव

मेडिकल में जूनियर नर्सों के साथ हो रहा भेदभाव

नाइट ड्यूटी के नाम पर किया जा रहा प्रताडि़त

जबलपुर (जय लोक)। मेडिकल कॉलेज में नाइट ड्यूटी को लेकर जूनियर नर्सिंग स्टाफ  में नाराजग़ी बढ़ती जा रही है। नर्सिंग विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी स्टाफ  को अधिकतम 6-7 दिनों तक ही नाइट ड्यूटी लगाई जा सकती है जो कि सभी सीनियर और जूनियर नर्सों के बीच समान रूप से बाँटी जानी चाहिए।

लेकिन जूनियर नर्सों के साथ नाइट ड्यूटी के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है। नर्सों का आरोप है कि सीनियर नर्सिंग स्टाफ  केवल 4-5 बार ही नाइट ड्यूटी करती हैं, जबकि जूनियर नर्स की माह में 15 से 20 दिनों तक नाइट ड्यूटी कराई जा रही है। इससे नाइट शिफ्ट का पूरा बोझ जूनियर्स नर्स पर आ जाता है, जो न तो व्यावहारिक है और न ही नियमों के अनुरूप। जूनियर नर्सों का कहना है कि उनके जॉइनिंग लेटर में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि लगातार या अतिरिक्त नाइट ड्यूटी उन्हीं को करनी पड़ेगी। इसके बावजूद ड्यूटी शेड्यूल में सबसे ज़्यादा नाइट शिफ्ट जूनियर स्टाफ  को ही दी जा रही है।

स्टाफ  का कहना है कि इस असमानता की वजह से जूनियर नर्सें थकान, नींद की कमी, तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं, जिसका असर मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। जूनियर नर्सिंग स्टाफ  ने प्रशासन से माँग की है कि नाइट ड्यूटी का नियमों के अनुसार, समान और न्यायसंगत विभाजन किया जाए, ताकि किसी एक वर्ग पर अत्यधिक बोझ न पड़े और अस्पताल की सेवाएँ सुचारू रूप से चलती रहें।

3 करोड़ 2 लाख फर्जी आईडी बंद अब ओटीपी वेरिफिकेशन शुरू

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » Uncategorized » मेडिकल में जूनियर नर्सों के साथ हो रहा भेदभाव

Top Headlines

‘ऑडिटरों का ऑडिट’ क्या भगवान करेगा?

(जयलोक)।। मध्यप्रदेश शासन की ट्रेजरी में ‘इफमिस यानी इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट इन्फॉर्मशन सिस्टम’ के जरिए 600 करोड़ का घोटाला पकड़ा

Live Cricket

error: Content is protected !!