
मुंबई। आजादी से लेकर अब तक अन्नदाता के नाम पर खूब राजनीति हुई। कई सरकारें आईं और चलीं गई। सभी ने किसानों को खुशहाल करने के दावे और वादे किए। जबकि हकीकत ये है कि आज किसान आत्महत्या करने के मजबूर हैं और कर्ज में दबे हुए हैं। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के किसान ने आर्थिक तंगी के चलते 4 साहूकारों से 40 प्रतिशत ब्याज दर पर 1 लाख का कर्ज लिया था। जब ये कर्ज किसान नहीं चुका पाया तो सूदखोरों ने उसकी किडनी बिकवा दी। नागभिड़ तहसील के मिंथुर गांव निवासी किसान रोशन सदाशिव कुडे ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 2021 में चार स्थानीय साहूकारों से 40 प्रतिशत ब्याज दर पर एक लाख रुपये का ऋण लिया था। किसान के दावे के अनुसार, साहूकारों में से एक ने उन्हें किडनी बेचने का सुझाव दिया और एक एजेंट उन्हें कोलकाता ले गया जहां चिकित्सा जांच कराने के बाद कंबोडिया में सर्जरी हुई और उनकी किडनी निकाल ली गई। कुडे को इसके बदले आठ लाख रुपये मिले थे। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के एक किसान ने दावा किया कि उसे चार साहूकारों से लिए गए ऋण की एक राशि चुकाने के मकसद से अपनी किडनी बेचने के लिए मजबूर किया गया था।
Author: Jai Lok







