
जबलपुर (जयलोक)। जिले में तीन दिवसीय सांसद खेल महोत्सव के आयोजन के दौरान कल इस बात को लेकर कुछ खिलाड़ियों को आगे कर बखेड़ा खड़ा किया गया कि उन्हें इनाम की राशि 21 हजार और 11 हजार बताई गई लेकिन उन्हें 3 सौ और हजार रूपये के लिफाफे दिए गए। सांसद खेल महोत्सव में इनाम की घोषणा कभी की ही नहीं गई और ना ही इससे संबंधित पूर्व में आयोजित बैठकों में ना ही सांसद आशीष दुबे द्वारा आयोजित की गई पत्रकारवार्ता में इसकी घोषणा की गई।

प्रोत्साहन स्वरूप दी गई नगद राशि इनाम नहीं
इस पूरे आयोजन के दौरान जिन खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन रहा ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को सांसद आशीष दुबे ने व्यक्तिगत तौर पर अपनी ओर से उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अलग अलग राशियों के लिफाफे उनका मनोबल बढ़ाने के लिए दिए। लेकिन इसी बात को इनाम की बात से जोडक़र बेवजह का हंगामा खड़ा करने का प्रयास किया गया। सांसद आशीष दुबे भी अपने हर उद्बोधन में इस बात को दोहरा चुके हैं कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे लाते हुए उचित मंच प्रदान करना है।

इनाम की कोई घोषणा नहीं
जिला खेल अधिकारी आशीष पांडे का कहना है कि इस पूरे आयोजन के दौरान वे प्रथम बैठक से लेकर आयोजन के समापन तक शामिल रहे हैं। ना ही लिखित रूप से और ना ही मौखिक रूप से इस आयोजन में किसी भी प्रकार की कोई इनाम राशि की घोषणा नहीं हुई है। जानबूझकर किसी ने खिलाड़ी बच्चों के बीच में यह भ्रम की स्थिति उत्पन्न की है। बाद में बच्चों और उनके कोच व सभी को स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी।

भ्रमित खिलाड़ियों ने किया था विरोध
कल शाम को सांसद खेल महोत्सव के समापन के बाद आयोजन में शामिल कुछ खिलाड़ी बच्चों ने इसी बात से भ्रमित होकर विरोध दर्ज कराया और जब यह बात सांसद तक पहुँची तो उन्होंने वहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा। बाद में पूरी बात स्पष्ट हो पाई। इससे संबंधित एक वीडियो भी नकारात्मक संदेश के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।
दूसरे राज्य के पोस्टर से फैला भ्रम
इस पूरे घटनाक्रम में भ्रम की स्थिति इसलिए निर्मित हुई क्योंकि खिलाडिय़ों के बीच उनके वाटसअप गु्रप और सोशलमीडिया में किसी दूसरे राज्य का एक पोस्टर वायरल हुआ जिसमें अन्य राज्य के स्थानीय सांसद द्वारा उनके आयोजन में कुछ इनाम राशि देने की घोषणा की गई थी। खिलाडिय़ों ने इसी को जबलपुर के सांसद खेल महोत्सव को जोड़ा और नकारात्मकता फैलाने के लिए सक्रिय लोग अपनी हरकत में कामयाब हुए और यहां भ्रम की स्थिति निर्मित कर दी गई। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशाअनुरूप सांसद खेल महोत्सव का आयोजन ग्रामीण क्षेत्र से खेल प्रतिभाओं को उभारकर सामने लाने का है। ऐसे आयोजन में अर्थ का कोई वास्ता नहीं हैं।
Author: Jai Lok







