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पीने के पानी की पाइप लाइनों को नाले नालियों से मुक्त कराया जाए , महापौर और निगमायुक्त को विनय सक्सेना ने सौंपा 13 सूत्रीय माँग और सुझाव पत्र

जबलपुर (जयलोक)।  नगर निगम द्वारा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइप लाइन्स और पानी की टंकियों से होते हुए लोगों के घरों तक सप्लाई किया जा रहा पेयजल शुद्धता की कसौटी पर हकीकत में कितना साफ  और शुद्ध है, जन हित में बेहद गंभीरता के साथ इसकी जांच पड़ताल अब बेहद ज़रूरी हो गई है। इस सिलसिले में पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने 13 सूत्रीय बिंदुओं के माध्यम से अपनी बात नगर निगम की सत्ता और प्रशासन के समक्ष रखी है। साथीगणों के साथ नगर निगम पहुंचकर विनय सक्सेना ने उक्त पत्र महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के सुपुर्द किए।

जिसमें कहा गया है कि दूषित पेयजल से इंदौर में हुई जनहानि से जबलपुर नगर निगम भी सबक ले और शहर में सप्लाई किये जा रहे पेयजल की शुद्धता के लिए संज्ञान लेकर एक निरीक्षण और परीक्षण अभियान की शुरुआत करे। मांग की गई कि सप्लाई किये जा रहे पानी की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज एवं मान्यता प्राप्त एनएबीएल लैब से कराई जाए। नगर निगम ने जहाँ जहाँ एस टी पी प्लांट स्थापित किए हैं उनके संधारण और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए वरना प्लांट अपनी क्षमता अनुसार कार्य नहीं करेंगे। रामेश्वरम पानी की टंकी में किए गए अतिक्रमण के साथ भोंगाद्वार में पन्नी से ढांककर की जा रही पानी की टंकी की सुरक्षा के साथ ही गोविन्द वल्लभ पंत वार्ड, मदार टेकरी, पसियाना,सिद्ध बाबा, लालमाटी, कठोंदा, करमेता, चण्डाल भाटा, शांति नगर, लेमा गार्डन गोहलपुर, अंबेडकर कॉलोनी, नरघईया, सराफा, लॉर्डगंज, गंजीपुरा, बल्देवबाग, आदि इलाकों में नाले और नालियोंसे होकर गुजर रहीं पानी की पाइप लाइनों की ओर नगरनिगम के जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया और बताया कि इन पाइप लाइनों में टूट फूट या लीकेज से सीवर का पानी कभी भी पाइप लाइन में प्रवेश कर सकता है लिहाजा समय रहते इस ओर विशेष सतर्कता बरती जाए और पीने के पानी की पाइप लाइनों को नाले नालियों से मुक्त कराया जाए। पाइप लाइनों के साथ नगर निगम अपने पानी के टैंकरों की सफाई और शुद्धता पर भी विशेष ध्यान दे। यह जांच की जाए कि जिन टैंकरों से नगर निगम पानी सप्लाई कर रहा है वे टैंकर अंदर से कितने साफ  हैं उन्हें साफ करने की प्रक्रिया और तौर तरीका क्या है? गौरतलब है कि विभिन्न वार्डों में लगभग 13 लाख लीटर पानी टैंकरों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है।

पत्र में नगर निगम द्वारा कराई गई बोरिंग के पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कराने की मांग भी की गई है क्योंकि शहर के विभिन्न इलाकों में आबादी का एक बड़ा वर्ग आज भी बोरिंग का पानी ही इस्तेमाल कर रहा है। श्री सक्सेना ने बताया कि दिसंबर 2025 में केन्द्र सरकार द्वारा जारी सर्वे रिपोर्ट में जबलपुर में सप्लाई किए जा रहे कुल पानी में केवल 54.3 प्रतिशत पानी ही सुरक्षित बताया गया है जबकि शेष 45.7 प्रतिशत पानी दूषित है जिसके लिए तत्काल कार्य योजना बनाने की मांग की गई है। इस मौके पर कांग्रेस अजय रावत, कमल दीक्षित, तेजकुमार भगत, लखन चौबे, राजीव तिवारी, दिलीप पटारिया, सुशीला कनोजिया, पंकज निगम, सुशील विश्वकर्मा, नीरज जैन, अवधेश गुप्ता, शरद नामदेव बब्लू, मन्नू पटेल, ब्लाक अध्यक्ष सिद्धांत जैन गोलू, मेवालाल पटेल, पंकज पटेल, सचिन रजक, साहिल यादव, अल्केश गुप्ता, सुसिम धर, आयुष पहारिया, आदेश चौबे, स्वणिज़्म समैया, सौरभ रैकवार, मोनू अग्रवाल, रिंकू शर्मा, मोनू खण्डेलवाल, नीलेश जैन नीटू, सनी जैन, आकाश तिवारी, केशव कोरी, सक्षम ताम्रकार, अभिनव मिश्रा, अनिल गुप्ता, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन विनय सक्सेना के साथ मौजूद रहे।

हमें स्थिति छुपाना नहीं है,हमारी प्राथमिकता है स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना-आयुक्त, पानी की गुणवत्ता जाँचने महापौर ने पूरी टीम को मैदान में उतारा, खुद निगमायुक्त घर घर जाकर ले रहे सैंपल

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

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