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संगठन और मुख्यमंत्री की हरी झंडी के लिए रुकी निगम मंडलों की नियुक्तियाँ, जबलपुर से भी पद पाने जोरआजमाइश कर रहे नए और पुराने नेता

जबलपुर (जय लोक)।  भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से प्रदेश की निगम और मंडलों की नियुक्तियां रुकी हुई हैं। पिछले हफ्ते बहुत तेजी से इस बात की हवा उड़ी थी कि अगले दो-तीन दिन में ही निगम और मंडलों की नियुक्तियाँ कर दी जाएगी और जिनकी ताजपोशी होनी है उनके नाम घोषित कर दिए जाएंगे। लेकिन इन चर्चाओं पर एक बार फिर विराम लग गया है और मामला फिर अटक गया है।
प्रदेश भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस बार संभावित सूची को इसलिए रोक दिया गया क्योंकि अभी इस सूची को भाजपा संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से हरी झंडी मिलना बाकी है।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव विदेश यात्रा से लौट के आने के बाद इस बारे में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी से चर्चा कर अंतिम निर्णय लेंगे। दूसरी ओर जबलपुर के नए और पुराने नेता निगम मंडलों में नियुक्ति की सुगबुगाहट के साथ ही सक्रिय हो गए हैं। पूर्व विधायक और पूर्व संगठन के पदाधिकारी से लेकर ऐसे लोग भी सक्रिय हो गए हैं जो कुछ समय पहले ही भाजपा में शामिल हुई है।

बहुत से ऐसे पुराने नेता हैं जो अपने वरिष्ठ नेताओं के संबंधों को आधार बनाकर पिछले 15 दिनों से दिल्ली भोपाल एक किए हुए हैं ताकि बुजुर्ग अवस्था जैसे पड़ाव में उन्हें एक महत्वपूर्ण पद मिल सके और राजनीतिक गतिविधियां अधिक मजबूती से संचालित की जा सके।
दूसरी ओर भाजपा के युवा नेताओं में भी निगम मंडलों में नियुक्ति पाने की अच्छी प्रतिस्पर्धा देखने को नजर आ रही है। सत्ता पक्ष में रहते हुए भाजपा बड़ा परिवार बन चुकी है और इसी वजह से अब उसमें दावेदारों की संख्या भी बहुत अधिक हो गई है।
जबलपुर की अंदरूनी राजनीति में भी गुटबाजी की उठापटक किसी से छुपी नहीं है। इस बीच में भोपाल और दिल्ली से समन्वय बनाकर सटीक जुगाड़ बैठने का प्रयास कई वरिष्ठों के द्वारा भी किया जा रहा है।

भोपाल से प्राप्त हो रही खबरों के अनुसार पहले निगम मंडलों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों का सिलसिला क्रमवार करने की बात कही जा रही थी। लेकिन अभी एकाएक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं और यह तय किया जा रहा है कि सभी नियुक्तियाँ एक साथ की जाए।
मुख्यमंत्री विदेश यात्रा से लौट के आने के बाद अगले सप्ताह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश एवं अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ बैठकर इस बारे में अंतिम निर्णय लेंगे।
32 से 35 नाम को निगम मंडलों के माध्यम से नई जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आ रही है। इनमें से कुछ पदों को कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का भी दर्जा प्राप्त है। स्वाभाविक सी बात है कि इन पदों पर नियुक्ति पानी के लिए जोराजमाइश भी अधिक हो रही है।

बजट सत्र से पहले हो  सकती है घोषणा

भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विधानसभा में बजट सत्र के पूर्व ही निगम मंडलों की नियुक्तियाँ की घोषणा किए जाने की पूरी संभावना है। इनमें से कुछ ऐसे नाम भी है जो पूर्व में मंत्री और विधायक रह चुके हैं समन्वय बनाने के उद्देश्य से उनके नाम नियुक्तियाँ की सूची में शामिल किए जाने की चर्चा है। प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण और क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण जिनमें प्रमुख रूप से विंध्य, बुंदेलखंड, महाकौशल विकास प्राधिकरण के साथ ही छठवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों की नियुक्तियाँे होना है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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