
पति-पत्नी अपनी कुल आय को जोडक़र टैक्स भर सकेंगे
नई दिल्ली। भारत में फिलहाल शादीशुदा होने पर कोई अलग टैक्स सुविधा नहीं है। पति और पत्नी दोनों को अलग पेन, अलग टैक्स स्लैब और अलग छूट मिलती है। यदि पत्नी की आय नहीं है, तो उसकी बुनियादी छूट व्यर्थ चली जाती है। इससे एक ही कमाने वाले परिवारों का टैक्स बोझ बढ़ जाता है। वित्त मंत्रालय अब वैकल्पिक जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम लाने पर विचार कर रहा है। इसमें पति-पत्नी अपनी कुल आय को जोडक़र टैक्स भर सकेंगे। बुनियादी छूट सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि वर्तमान में एक व्यक्ति को 3 लाख रुपए की छूट मिलती है, तो जॉइंट फाइलिंग में यह सीमा 6 लाख रुपए या उससे ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा, होम लोन ब्याज, मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य कटौतियों को भी बेहतर तरीके से एडजस्ट किया जा सकेगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा एक ही कमाने वाले परिवारों को मिलेगा। मिडिल क्लास परिवारों का टैक्स बोझ कम होगा और उच्च आय वाले परिवारों को सरचार्ज में राहत मिल सकती है, क्योंकि वर्तमान 50 लाख रुपए से अधिक आय पर लगने वाला सरचार्ज जॉइंट फाइलिंग में 75 लाख रुपए या उससे अधिक तक बढ़ाया जा सकता है। यदि दोनों पति-पत्नी कमाते हैं, तो उन्हें अलग-अलग स्टैंडर्ड डिडक्शन मिल सकती है। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान ने इस प्रणाली की सिफारिश की है। प्रस्ताव यूनियन बजट 2026-27 में पेश किया जाएगा। बजट सेशन 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। अगर लागू हुआ, तो यह भारत के टैक्स सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा।





