
जबलपुर (जय लोक)। कल सडक़ किनारे खाना खा रहे मजदूरों के साथ बरेला रोड़ में दर्दनाक हिट एंड रन मामले में अस्पताल में भर्ती 5वीं महिला ने दम तोड़ दिया। घायलों में से 2 मजदूरों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है, जहां एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में उपचार कर रही है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने अस्पताल पहुंचकर पीडि़तों से मुलाकात की। एनएचएआई ने मृतकों के परिजन को तत्काल 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि दी। इसके अलावा कुल 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है।
कलेक्टर ने डॉक्टरों से चर्चा करते हुए बेहतर से बेहतर उपचार करने की बात कही है। दूसरी ओर परिजन, क्षेत्रीय लोगों के अतिरिक्त बीजाडांडी के जनपद सदस्य एवं समाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र पुट्टा और बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने मांग की है कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रत्येक गंभीर घायल को 10 लाख रूपए की सहायता राशि दी जाए। प्रत्येक मृतक परिवार के एक सदस्य को शासकीय या संविदा आधार पर नौकरी दी जाए। घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी एनएचएआई अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इन मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने हाई वे जाम कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक कई किलोमीटर का जाम लगा हुआ था और जबलपुर से एसडीएम और अन्य अधिकारी प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत करने पहुँच गए थे। हादसे में पहले 2 महिलाओं की मौके पर मौत हुई थी। देर रात इलाज के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में चैनवती बाई (40), लच्छो बाई (40), गोमता बाई (40), वर्षा कुशराम (45), कृष्णा बाई (40) शामिल हैं। 8 मजदूर घायल बताए गए हैं, जिनका इलाज जारी है।

आज शाम एक साथ होगा अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद सभी मृतक महिलाओं के शव मंडला जिले से आए उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। परिजन लाश लेकर अपने मूल निवास के लिए रवाना हो गए हैं। सभी का अंतिम संस्कार आज शाम तक उनके गृहग्राम बम्होरी में होगा। घायलों का उपचार मेडिकल में चल रहा है, जहां 2 युवकों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सडक़ हादसे की संपूर्ण जांच एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह करेंगे। हादसे के बाद कार चालक मय वाहन के मौके से फरार हो गया था। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई थी कि कार सफेद रंग की थी और उसमें रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखा हुआ था।
मृतक और घायल सभी मजदूर मंडला जिले के बम्होरी गांव में रहते हैं, वह दिसम्बर माह से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई कर रहे थे। हादसे के समय वे सडक़ किनारे बैठकर भोजन कर रहे थे। घायलों को देखने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। इधर, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सडक़ दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक जताया। उन्होंने जिला प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों से चर्चा कर घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एएसपी अंजना तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई थी कि रेनॉल्ड सफेद रंग की कार के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए मजूदरों पर कार चढ़ ाई है। उक्त कार एमपी 20 एक्स बी 1460 दीपक सोनी निवासी सिहोरा के नाम पर रजिस्टर्ड होना पाया गया है। इसके चालक के सम्बन्ध में पुलिस जाँच आकर रही है। पुलिस के अनुसार कार चालक लखन सोनी (निवासी मझौली) है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट बताया जा रहा है और फरार है। कार दीपक सोनी के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
हाई वे पर लगे जाम की स्थिति संभालने के लिए तीन थानों का पुलिस बल तैनात है। एसडीएम अभिषेक सिंह और नायब तहसीलदार शशांक दुबे परिजनों से बातचीत कर समझाइश दे रहे हैं। चक्काजाम के कारण छात्र-छात्राओं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाचार लिखे जाते तक जाम लगा हुआ था।

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Author: Jai Lok







