
प्रदेश की पत्रकारिता में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले श्री अजित वर्मा जी ने आज से 33 वर्ष पूर्व दैनिक जयलोक की स्थापना की थी। आज दैनिक जय लोक अपनी गौरवशाली यात्रा के 34 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। अजित वर्मा जी का उद्देश्य दैनिक जय लोक के माध्यम से केवल समाचार पहुंचाना मात्रा नहीं था, उनका स्वप्न था जय लोक के माध्यम से एक ऐसा मंच तैयार करना जो सत्ता के गलियारों से लेकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज बन सके। लोक के प्रति यही जय लोक का भाव हमारे नाम और हमारे काम दोनों की आत्मा है। अजित वर्मा जी के कुशल मार्गदर्शन और स्पष्ट पत्रकारिता की दृष्टि ने जय लोक को आज उस मुकाम पर पहुँचाया है जहाँ यह केवल एक अखबार नहीं बल्कि पाठकों का एक बड़ा परिवार बन चुका है।
किसी भी संस्थान के लिए तीन दशक से अधिक का सफर केवल समय का बीतना नहीं होता बल्कि यह समाज के साथ बने उस अटूट विश्वास का प्रमाण है जिसे हमने हर दिन अपनी स्याही और शब्दों से सींचा है। बीते दो दशकों में मीडिया जगत में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। सूचनाओं की बाढ़ और फेक न्यूज़ के दौर में निष्पक्षता को बचाए रखना एक कठिन चुनौती रही है। लेकिन जय लोक ने अपनी विश्वसनीयता से कभी समझौता नहीं किया। हमने तकनीक को अपनाया समय के साथ खुद को बदला लेकिन अपने बुनियादी मूल्य सत्य, साहस और संवेदन शीलता को हमेशा सर्वोपरि रखा है। जय लोक की सफलता का श्रेय हमारे सुधि पाठकों और सहयोगियों को जाता है।
आपकी आलोचनाओं ने हमें सुधारा और आपके प्रेम ने हमें संबल दिया है। अजित वर्मा जी के सपनों को साकार करने के लिए जय लोक की टीम ने दिन-रात एक कर यह सुनिश्चित किया है कि हर शाम आपके हाथ में पहुँचने वाला अखबार केवल कागज का टुकड़ा ना हो, बल्कि सच्चाई का आईना हो। 33 वर्षों की जय लोक की यात्रा का यह पड़ाव हमारे लिए विश्राम का नहीं बल्कि पुन: संकल्प लेने का समय है। हम आने वाले वर्षों में और अधिक ऊर्जा के साथ जन सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता को जारी रखने का वादा करते हैं। डिजिटल युग की नई चुनौतियों को स्वीकार करते हुए हम अपनी पहँुच और गहराई को और विस्तार दे। रहे हैं । आज दैनिक जयलोक सोशल मीडिया पर पढ़ा जाने वाला एक प्रमुख अखबार बन चुका है। जय लोक के संपादक परितोष वर्मा और उनकी टीम सोशल मीडिया पर दैनिक जयलोक की खबरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में जी जान से लगे हैं।
इसी का यह नतीजा है कि सोशल मीडिया पर आज लाखों लोग जय लोक की खबरों को पढ़ते हैं। वहीं जय लोक परिवार की मेहनत का यह नतीजा है कि आज दुनिया के 10 देशों में भी दैनिक जयलोक की खबरों को पढ़ा जा रहा है। जय लोक के आज स्थापना दिवस पर हम अपने संस्थापक श्री अजित वर्मा जी को नमन करते हैं और अपने पाठकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हैं । जय लोक की यात्रा आपकी है और आपके लिए है।
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Author: Jai Lok







