
भोपाल (जयलोक)। मध्य प्रदेश में अब हथियार (गन) लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी है। राज्य सरकार कारतूस में हेरफेर और लाइसेंस प्रक्रिया में अनियमितताओं की बढ़ती शिकायतों के बाद नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। नई प्रणाली के तहत आवेदन से लेकर लाइसेंस जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा।
सरकार इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रही है। गृह विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू होने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। नई ऑनलाइन व्यवस्था के लागू होने के बाद गन लाइसेंस से जुड़ा कोई भी कार्य ऑफलाइन नहीं होगा। न तो व्यक्तिगत सिफारिशों का असर रहेगा और न ही रिकॉर्ड में हेरफेर की गुंजाइश बचेगी। आवेदक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकेगा, जिससे अयोग्य या नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान आसान होगी। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद हथियारों और कारतूस से जुड़ी गड़बडिय़ों पर नियंत्रण संभव होगा।
लाइसेंस ट्रैकिंग और नवीनीकरण भी होगा आसान
ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से न केवल नए लाइसेंस आवेदनों की ट्रैकिंग की जा सकेगी, बल्कि लाइसेंस नवीनीकरण और स्पोर्ट्स कोटे के तहत जारी लाइसेंसों की स्थिति की भी निगरानी संभव होगी। प्रशासन गड़बड़ी या नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई कर सकेगा। भोपाल में 10 हजार से अधिक लाइसेंसधारी भोपाल जिले में अभी लगभग 10 हजार हथियार लाइसेंसधारी हैं। हर महीने 10 नए लाइसेंस कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी किए जाते हैं। हाल ही में कारतूसों में हेरफेर सामने आने के बाद 25 से अधिक लाइसेंसधारियों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। स्पोर्ट्स कोटे के लाइसेंसों की विशेष जांच जारी कलेक्टर के निर्देश पर भोपाल में सभी लाइसेंसधारियों की विशेष जांच कराई जा रही है।
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Author: Jai Lok







