
नई दिल्ली (जयलोक)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बजट पर बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक एआईआईएमएस जैसी नई बातें कही गई हैं। वित्त मंत्री के भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं हुआ। वे लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। वित्त मंत्री ने भाषण में जियोपॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया और देश का रक्षा बजट बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ कर दिया। इसमें से 2.19 लाख करोड़ सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। यह रकम पिछले साल 1.80 लाख करोड़ थी।
बुनियादी ढांचे पर जोर, कैपेक्स 12.2 लाख करोड़, रेयर अर्थ के लिए पैकेज
आज आपकी थाली की सब्जी से लेकर आपके हाथ के स्मार्टफोन तक, ज्यादातर चीजों के दाम त्रस्ञ्ज काउंसिल तय करती है। बजट में तो बस इम्पोर्ट ड्यूटी के घटने-बढऩे से सामानों के दाम थोड़े बहुत ऊपर-नीचे होते हैं। समझते हैं इस बजट से क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा
सस्ता
1. कैंसर की दवाइयां सस्ती 17 लाइफ सेविंग ड्रग्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बाहर से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे उन परिवारों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी जो इलाज के लिए महंगी विदेशी दवाओं पर निर्भर हैं।
2.माइक्रोवेव ओवन सस्ते: पुर्जों पर ड्यूटी घटी, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले खास पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी कम कर दी गई है। इससे आने वाले दिनों में माइक्रोवेव की कीमतों में कमी आ सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि भारत कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में दुनिया का हब बने।
3. ईवी बैटरी और सोलर पैनल सस्ते इसे बनाने का कच्चा माल हुआ टैक्स फ्री
एनर्जी ट्रांजेक्शन को देखते हुए सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
4. जूते, कपड़े सस्ते हो सकते हैं: एक्सपोर्ट बढ़ाने कच्चे माल पर छूट
एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए समुद्री उत्पाद, लेदर और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए घोषणाएं हुई हैं..
सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी फ्री इनपुट की लिमिट 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3प्रतिशत हो गई है।
लेदर और सिंथेटिक जूतों के साथ अब ‘शू अपर्स के एक्सपोर्ट पर टैक्स छूट मिलेगी।
सस्ता क्यों होगा जब कंपनियों को सामान बनाने के लिए कच्चा माल सस्ता मिलेगा, तो प्रॉडक्शन की लागत घटेगी। अगर कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो लेदर के जूते, स्पोर्ट्स शूज और सी-फूड की कीमतें घट सकती है या कम से कम दाम स्थिर रहेंगे।
5. विदेश घूमना सस्ता होगा सरकार ने टैक्स घटाकर 2 प्रतिशत किया
अब विदेश यात्रा के टूर पैकेज बुक करना सस्ता हो जाएगा। पहले 10 लाख रुपए तक के खर्च पर 5 प्रतिशत और उससे ज्यादा पर 20 प्रतिशत टैक्स लगता था। इसे अब घटाकर सीधा 2 प्रतिशत कर दिया गया है। अब इसमें रकम की कोई लिमिट भी नहीं है।
महँगा
शराब पर टैक्स दर 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2प्रतिशत कर दी गई है। इससे शराब की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
फ्यूचर ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.02 प्रतिशतसे बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस 0.15 प्रतिशतकिया गया है।
एसटीटी एक ऐसा टैक्स है जो आपके हर सौदे (खरीदने और बेचने) पर लगता है। टैक्स दरें बढऩे का मतलब है कि अब आपको एक ही ट्रांजैक्शन के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
पाकिस्तान के होश होंगे फाख्ता! रक्षा बजट का खामोशी से एलान, सरकार का बड़ा प्लान
साल 2026 के रक्षा बजट में कुल 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। रक्षा मंत्रालय के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 78 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 21 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी। वहीं रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य भारत की रक्षा शक्ति और तकनीक को और अधिक सुदृढ़ करना है। यह कदम देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम सेना तैयार करने के लिए उठाया गया है। अर्थव्यवस्था में रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने का भी यह प्रयास है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।
आज से सिगरेट के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़े,
3 सितंबर 2025 को किए गए बदलाव के बाद अब 1 फरवरी से पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। सेस हटा दिया गया है। अभी तक इन पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ कंपनसेशन सेस लगता था। इससे कुल टैक्स 50 प्रतिशतसे ज्यादा हो जाता था। सिगरेट पर उसकी लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी भी लागू होगी। 2.05 से लेकर 8.5 प्रति स्टिक तक ये एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा तंबाकू उत्पादों की तरह सिगरेट पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। हालांकि बीड़ी पर राहत देते हुए जीएसटी को 18 प्रतिशत कर दिया गया है। एक्साइज ड्यूटी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में जुड़ती है। जब सिगरेट फैक्ट्री से निकलती है, तो उस पर एक्साइज लग चुका होता है। इसके बाद जब उस पर प्रतिशत लगाया जाता है, तो वह बढ़ी हुई कीमत (जिसमें एक्साइज शामिल है) पर लगता है। इससे टैक्स पर टैक्स की स्थिति बनती है और फाइनल दाम बढ़ जाती है। इस बदलाव से रिटेल मार्केट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में 15त्न से 40त्न तक का उछाल आ सकता है। सरकार का यह कदम सरकारी खजाने को भरने की एक कोशिश माना जा रहा है। क्योंकि सितंबर में सरकार ने घरेलू खपत बढ़ाने के लिए कई उत्पादों पर जीएसटी में कटौती की थी।
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 50 रुपए तक बढ़े
आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 49 रुपए बढक़र ?1740.50 हो गई है। पहले यह ?1691.50 में मिल रहा था। वहीं चेन्नई में यह अब 50 रुपए महंगा होकर 1899.50 रुपए में मिलेगा।
फास्टैग यूजर्स को ्यङ्घङ्क वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं
आज से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब ्यङ्घङ्क (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (हृ॥्रढ्ढ) ने नई कार के लिए ्यङ्घङ्क प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन ्यङ्घङ्क कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम आदमी असानी से भर सकें।
आयुवैदिक: भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी
इसके लिए 10,000 करोड़ रुपए के निवेश करने की बात कही गई है। 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाए जाएंगे। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनेगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे
हेल्थ:17 दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटेगी, इलाज सस्ता होगा
सरकार ने कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है। ये एडवांस कैंसर की इंपोर्ट होने वाली दवाएं हैं। कस्टम ड्यूटी हटने से ये सस्ती हो जाएंगी।
रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शहरों के बीच विकास सेतु बनेंगे। मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी में ये कॉरिडोर बनाए जाएंगे। अगले 5 सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। समुद्री विमान योजना की शुरुआत की जाएगी।
एजुकेशन सेक्टर: हर जिले में गर्ल हॉस्टल की सौगात
केंद्रीय बजट 2026-27 में गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए स्ञ्जश्वरू (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। हर जिले में गर्ल हॉस्टल बनाए जाएंगे। देश में 700 जिले हैं।
हैंडलूम कारीगरों की मदद नेशनल फाइबर स्कीम बनेगी
नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेड का सिस्टम तैयार किया जाएगा। खादी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शेयर बाजार में भूचाल
भाषण के दौरान फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाने का एलान किया। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स व निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 12.31 तक 2174.33 अंक गिरकर 80,095.45 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 748.50 अंक गिरकर 24,592.15 अंक पर आ गया। हालांकि बाद में बाजार संभलता हुआ दिखाई दिया। वित्त मंत्री ने शेयर बाजार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि छोटे शेयरधारकों की सुरक्षा के लिए बायबैक के टैक्स में परिवर्तन किया जाएगा।
इसके तहत दुरुपयोग रोकने के लिए देना पड़ेगा अतिरिक्त बायबैक कर। दुरुपयोग रोकने के लिए देना पड़ेगा अतिरिक्त बायबैक कर। सभी शेयरधारकों के बायबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर का प्रस्ताव है। कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 22 प्रतिशत टैक्सेशन। गैर कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स लगाया गया। वायदा सौदों पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया। गैर कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए 30 प्रतिशत टैक्स लगाया गया। वायदा सौदों पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 10.39 बजे तक 255.96 अंक चढक़र 82,525.74 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 56.60 अंक चढक़र 25,377.25 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला 15.04 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 82,254.74 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 31.75 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 25,288.90 अंक पर आ गया।
शेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का होगा आयोजन
एनएसई और बीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जा गया। एक्सचेंजों का कहना है कि बजट में होने वाली बड़ी नीतिगत घोषणाओं पर बाजार को तत्काल प्रतिक्रिया देने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए रविवार होने के बावजूद बाजार बंद नहीं रहेगा। आजाद भारत के इतिहास में इससे पहले केवल एक बार रविवार को भी शेयर बाजार में कारोबार हुआ था। 28 फरवरी 1999 को जब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, उस समय रविवार के दिन भी घरेलू शेयर बाजार में कारोबार हुआ था। बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट के दिन बाजार का खुला रहना बेहद जरूरी है। वित्त मंत्री का भाषण आमतौर पर सुबह 11 बजे शुरू होता है। इस दौरान राजकोषीय घाटे, टैक्स स्लैब और सेक्टर-विशिष्ट घोषणाएं सामने आती हैं।
Author: Jai Lok







