
संविधान के तहत औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद ही होगा ऐलान
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संभावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि यदि इस दिशा में कोई कदम उठाया जाता है, तो उसे पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। कांग्रेस ने यह भी साफ किया कि जब तक अविश्वास प्रस्ताव विधिवत रूप से पेश नहीं हो जाता, तब तक वह किसी भी तरह की अटकलों या चर्चाओं पर प्रतिक्रिया नहीं देगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया संविधान में स्पष्ट रूप से परिभाषित है। उन्होंने कहा, कि जैसे ही संविधान के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा, हम उसे सार्वजनिक रूप से घोषित करेंगे। औपचारिक घोषणा से पहले किसी भी तरह की उम्मीदों या कयासों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा के महासचिव को सौंप सकती है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब संसद के मौजूदा सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। बार-बार हंगामे, तीखी बहस और कार्यवाही में व्यवधान इस सत्र की प्रमुख पहचान बनते जा रहे हैं। इंडिया ब्लॉक से जुड़े विपक्षी दलों के बीच भी इस मुद्दे पर गंभीर मंथन चल रहा है। विपक्ष का आरोप है, कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के संचालन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है। खास तौर पर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर न दिए जाने को विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के खिलाफ बता रहा है।
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Author: Jai Lok







