
नेता प्रतिपक्ष की अपरिपक्वता का खामियाजा भुगत रहा कांग्रेस पार्षद दल, लोकसभा, विधानसभा में कभी भी नहीं होता बजट का बहिष्कार, धारा 30 की विशेष बैठक में 27 हस्ताक्षर नहीं करवा पाए नेता प्रतिपक्ष, घेराव प्रदर्शन में शामिल हुए केवल 12 पार्षद, नेता प्रतिपक्ष से परेशान हैं कांग्रेस के पार्षद-आरोप
जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। यह पद वैसे तो संवैधानिक नहीं है केवल परंपराओं के अनुसार चल रहा है। लेकिन फिर भी वर्तमान में शहर के 79 वार्डों में विपक्ष की भूमिका में विकास कार्यों की मांगों को अधिक मजबूती से बुलंद करने का सबसे अधिक दायित्व नेता प्रतिपक्ष पर होता है।
भाजपा के पार्षद जीतू कटारे ने आरोप लगाया है कि नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा के अपरिपक्व निर्णयों के कारण काँग्रेस के साथी पार्षदों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा कहीं भी बजट का बहिर्गम नहीं हुआ है। पार्षद कटारे ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षदों की मंशा को भी दरकिनार करते हुए बहिष्कार का यह निर्णय लेकर संस्कारधानी की जनता का भी अपमान किया है और सदन की गरिमा का भी। भाजपा पार्षद जीतू कटारे ने कहा कि विगत साढ़े तीन सालों से नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस पार्षद दल नहीं बल्कि बाल कांग्रेस चला रहे हैं।पार्षद कटारे ने कहा है कि धारा 30 की बैठक आमंत्रित करने के लिए सदन में एक तिहाई पार्षदों के हस्ताक्षर होना जरूरी होते हैं। नेता प्रतिपक्ष इस माँग पत्र में अपनी ही पार्टी के 27 पार्षदों के भी हस्ताक्षर नहीं करवा पाए जबकि कांग्रेस के पार्षदों की संख्या ही 29 है। धारा 30 की बैठक के लिए आपातकाल की स्थिति को साबित करना और उसके अनुरूप विषय निर्धारण करना जरूरी होता है। नेता प्रतिपक्ष इसमें भी सफल नहीं हो पाए और गरिमा के विपरीत नगर निगम के अध्यक्ष को चपरासी के माध्यम से पत्र भेजा गया जो कि सदन की गरिमा के भी खिलाफ है।विगत दिवस कांग्रेस पार्षद दल के आव्हान पर नगर निगम मुख्यालय का घेराव प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के केवल 12 पार्षद उपस्थित हुए। यह नेता प्रतिपक्ष की असफलता मानी जा रही है।

एक भी महिला पार्षदों नहीं हुई शामिल
कांग्रेस पार्टी से प्रदर्शन में 29 में से केवल 12 पार्षदों में एक भी महिला पार्षद इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई। कुछ पार्षद पति जरूर प्रदर्शन में शामिल नजर आये।

बिना कहे समय समय पर बुलवाई गई साधारण सभा की बैठक-रिकुंज विज
नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज ने कहा कि साधारण सभा की बैठक बिना विपक्ष के कहे समय समय पर नियमित रूप से बुलाई गई है। जिसमें शहर के सभी वार्डों के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का भरपूर समय दिया गया। धारा 30 की विशेष बैठक आपातकालीन परिस्थितियों में बुलाई जाती है वर्तमान में शहर में ऐसा कोई विषय नहीं हैं। नियम के अनुसार धारा 30 की विशेष बैठक बुलाने के लिए नगर निगम सदन के पार्षदों का एक तिहाई बहुमत होना जरूरी है। जिसके लिए 79 में से 27 सदस्यों की सहमति हस्ताक्षर के रूप में अनिवार्य है। नेता प्रतिपक्ष यह संख्या पूरी नहीं कर पाए कभी 12, 16, 22 हस्ताक्षरों के साथ पत्र कभी केवल अपने अकेले के हस्ताक्षर से पत्र चपरासी के द्वारा कार्यालय में भेजकर रिसीव करवा लिया गया। यह अपरिपक्ता पूर्ण रवैया सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।


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Author: Jai Lok






