
जबलपुर (जयलोक)। कर्मचारियों के ईपीएफ अंशदान में अनियमितताओं को लेकर ईपीएफ कार्यालय ने जबलपुर स्मार्ट सिटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी किया है।

यह मामला पिछले लगभग एक वर्ष से लंबित था, जब कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका ईपीएफ नियमित रूप से नहीं काटा जा रहा है। शिकायत के बाद ईपीएफ कार्यालय ने प्रबंधन से आवश्यक दस्तावेज एवं भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

सूत्रों के अनुसार, बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए और गोलमोल जवाब दिए जाते रहे। जांच के दौरान दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं, जिसके बाद 10 अप्रैल 2026 को 23 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश जारी किया गया। आर्थिक जवाबदेही -जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में बकाया ईपीएफ राशि पर लगभग 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा अतिरिक्त 1 प्रतिशत पेनल्टी (दंडात्मक शुल्क) भी देय होगी। यह संपूर्ण राशि संबंधित प्रबंधन/जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही में आएगी, जिससे कुल वित्तीय भार और बढ़ सकता है। मामले में कंपनी सेक्रेटरी श्री कैलाश भाटी पर भ्रामक जानकारी देने और लापरवाही के आरोप भी सामने आए हैं। बताया जाता है कि पूर्व में उनके एक माह के वेतन पर रोक लगाई गई थी, जिसे बाद में बिना प्रकरण के पूर्ण निराकरण के ही पुन: जारी कर दिया गया।इस कार्रवाई के बाद जबलपुर स्मार्ट सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग भी तेज हो गई है।


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Author: Jai Lok






