
जबलपुर (जय लोक)। दुष्कर्म से पीडि़त एक और महिला को प्रताडि़त किए जाने का मामला चर्चाओं में आया है। गढ़ा में एक दुष्कर्म से पीडि़त महिला द्वारा धमकाए जाने के आरोप के बाद अब घमापुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है। इस मामले में महिला ने पुलिस अधीक्षक को लिखित में पूरी शिकायत सौंपी है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा देने की माँग भी की है और संरक्षण भी माँगा है। इस महिला का एक वीडियो भी सामने आया है, इस वीडियो में यह महिला भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष और अधिवक्ता जी एस ठाकुर पर धमकाने के आरोप भी लगाते सुनी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय को लिखित शिकायत सौंपी है और इस शिकातय में पीडि़त महिला ने गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इस महिला का आरोप है कि घमापुर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसके ऊपर इस बात का दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपनी शिकायत को वापस ले लें। इस महिला ने शिकायत में लिखा है कि दुष्कर्म का आरोपी ललित कुंदनानी है। इस आरोपी के साथ ही पूर्व नगर भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट जी एस ठाकुर सहित अन्य लोगों को भी उस पर दबाव बनाने और धमकियाँ देने का आरोप भी लगाया है।
दुष्कर्म की पीडि़ता ने बताया कि उसने 20 मार्च को घमापुर थाने में शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर 7 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 और 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन मामला दर्ज होते ही उस पर समझौते का दबाव बनाने की शुरूआत हो गई और उसे मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार धमकियाँ भी दी जाने लगीं।

घर पहुँचे थे जी एस ठाकुर
पीडि़ता के अनुसार 21 मार्च की सुबह पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष जी एस ठाकुर उसके घर पहुंचे और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने तक की धमकी दी गई। पीडि़ता का कहना है कि इसके बाद से वह और उसका परिवार लगातार भय के माहौल में जी रहा है और अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि 7 अप्रैल को थाना परिसर में पीडि़ता के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। जहां आरोपी को थाना प्रभारी कक्ष में बैठाकर विशेष व्यवहार दिया गया, वहीं पीडि़ता पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। पीडि़ता ने दावा किया है कि यह पूरा घटनाक्रम थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है, जिसे जाँच में अहम साक्ष्य के रूप में देखा जा सकता है।

राजनैतिक रसूख का इस्तेमाल
पीडि़ता ने भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और अधिवक्ता जीएस ठाकुर पर अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर मामले को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी कहा कि उनके पूर्व के आचरण और कथित दबंग छवि के चलते पीडि़ता और उसके परिजन भयभीत हैं।


पीडि़ता की पुलिस अधीक्षक से गुहार
पीडि़ता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जाँच कराने, संबंधित आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने, थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और स्वयं व परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की है।
नहीं हो पाया जी एस ठाकुर से सम्पर्क
पूर्व नगर भाजपा अध्यक्ष अधिवक्ता जीएस ठाकुर का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर कई बार संपर्क किया गया लेकिन उनसे चर्चा नहीं हो पाई। उनका मोबाईल बंद होना बताया जा रहा था।
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Author: Jai Lok






