
द.पु.म.रे. के पत्र का गलत प्रचार कर उज्जैन की गोमती ट्रेडिंग कंपनी ने नगर निगम सीमा के जमतरा घाट और बरग के खिरैनी घाट पर बनाई मुरम डाल कर नदी में सडक़
जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले माँ नर्मदा नदी के खिरेहनी और जमतरा घाट पर उज्जैन की एक ठेकेदार गोमती टे्रडिंग कंपनी के द्वारा जिले के प्रशासन को गलत जानकारी देकर बेवकूफ बनाया जा रहा है और यह कहा जा रहा है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने उन्हें करोड़ों रूपये के कबाड़ में तब्दील हो चुके लोहे को नदी में सडक़ बनाकर निकालने की अनुमति दी है। लेकिन रेलवे द्वारा जारी पत्र में सडक़ शब्द तो दूर कहीं भी नदी तक का उल्लेख नहीं किया गया है सिर्फ नदी में वेल्डिंग कर काट के छोड़े गए लोहे को रेलवे की भूमि से हटाने के लिए पत्राचार किया गया है। वर्तमान में भी करोड़ों के लोहे को बाहर निकालने की लालच में ठेकेदार कंपनी की मनमानी चरम पर है।

जबलपुर तहसल के अंतर्गत आने वाले बरगी क्षेत्र के खिरेहनी घाट में हरकत में आए प्रशासन की मौके पर हुई आमद के बाद ठेकेदार कंपनी के लोगों ने इस घाट पर काम बंद कर दोबारा नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले रांझी तहसील के अंतर्गत जमतरा घाट पर पुन: नदी में मुरम, बोल्डर, पत्थर भरकर माँ नर्मदा नदी के प्रवाह को रोककर सडक़ डालने का कार्य तेज कर दिया है।

नर्मदा नदी के बीच में वेल्डिंग मशीन से काटा रहा लोहा
पिछले कई महिनों से उक्त ठेकेदार कंपनी लगातार नर्मदा नदी में प्रदूषण कर रही है। पहले तो बिना योजना बनाए पिलर से पिलर के बीच के पुल को हवा में ही गैस वेल्डिंग के माध्यम से काटा गया और पूरे के पूरे पुल के बड़े हिस्से को नदी में गिरा दिया गया। कई महिनों तक नदी में पड़े रहने के बाद अब उसे बीच नदी में ही वेल्डिंग मशीन के माध्यम से काटकर नदी को प्रदूषित किया जा रहा है। वेल्डिंग का पूरा केमिकल नदी में मिल रहा है। जिसके कारण मछलियां जीव जंतु भी मर रहे हैं और लगातार प्रदूषण हो रहा है। लगातार ट्रक, टे्रक्टर, डंपर सब बीच नदी तक वाहन लेकर जा रहे हैं और माँ नर्मदा को प्रदूषित कर रहे हैं।

Author: Jai Lok







