
अमरावती। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा विश्व प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए घी की खरीद में एक बड़े घोटाले और प्रशासनिक विफलता का खुलासा हुआ है। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि टीटीडी ने बिना अनिवार्य गुणवत्ता जांच के 70 लाख किलोग्राम से अधिक घी की खरीद की। इस लापरवाही के कारण ही आपूर्तिकर्ताओं को प्रसाद के लिए मिलावटी घी देने का मौका मिला। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश कुमार की अध्यक्षता वाले आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता थी। रिपोर्ट के अनुसार, टीटीडी के अधिकारियों ने शुरू में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के कड़े मानकों को लागू करने की योजना बनाई थी, जिसे जुलाई 2022 से प्रभावी होना था। बाद में नियमों में गुपचुप तरीके से ढील दे दी गई और आपूर्तिकर्ताओं को जरूरी जांचों से छूट प्रदान की गई। इसी छूट का फायदा उठाकर भारी मात्रा में घटिया गुणवत्ता वाला घी खरीदा गया।
Author: Jai Lok






