
नाम नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकिन काम किया घटिया, प्रशासन ने रद्द किया लाइसेंस ,जबलपुर हॉस्पिटल नाम लेकर कुछ लोगों ने किया बदनाम

जबलपुर अस्पताल में हादसे में पीड़ित बच्चों का निशुल्क किया था इलाज
जबलपुर जय लोक । बरगी बांध में क्रूज़ डूबने की दुखद घटना में 13 लोगों की मृत्यु हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। इस आपदा के दौरान घायलों के उपचार में लापरवाही एवं अमानवीय व्यवहार की शिकायतें प्राप्त होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर द्वारा त्वरित संज्ञान लिया गया।

जांच में पाया गया कि गौर तिराहा स्थित नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल द्वारा दुर्घटना में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के उपरांत उनसे शुल्क लिया गया, जो कि आपदा की स्थिति में पूर्णतः अनुचित है। यह कृत्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के विरुद्ध पाया गया है।


वाराणसी से स्क्रूज में सवार पर्यटक सविता वर्मा के कथन के बाद प्रशासन हरकत में आया। इस बीच कुछ लोगों ने जबलपुर हॉस्पिटल का नाम लेकर उसे बदनाम करने की साजिश की जबकि उक्त महिला जबलपुर हॉस्पिटल में इलाज हेतु आई ही नहीं थी।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार जबलपुर अस्पताल में केवल एक बच्चे को आकस्मिक स्थितियों में इलाज हेतु पहुंचाया गया था जहां मानवीय आधार पर जबलपुर अस्पताल के द्वारा उसे बच्चे का पूरी मानवीय संवेदनाओं के साथ निशुल्क इलाज किया गया।

उक्त मामले में आपदा प्रबंधन समिति के निर्देशानुसार अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, अस्पताल को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार कर उन्हें विधिवत डिस्चार्ज किया जाए तथा आगामी एक माह तक किसी भी नए मरीज को भर्ती न किया जाए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर ने कहा है कि आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषी संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।
Author: Jai Lok






