
जबलपुर (जयलोक)। महर्षि महेश योगी से जुड़े आश्रमों की जमीनों में कथित फर्जीवाड़े और अवैध बिक्री के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने जी. रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जबलपुर, बिलासपुर, रायपुर और नोएडा स्थित आश्रमों की जमीनों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का प्रयास किया गया।

जबलपुर में भी इस संस्थान से जुड़े लोगों के बीच में गिरफ्तारियों के बाद से हडक़ंप मचा हुआ है यहाँ से जुड़ी हुई संपत्तियों को लेकर भी पूर्व में कई प्रकार के आरोप प्रत्यारोप का दौर चल चुका है। जानकारी के अनुसार, यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है और विभिन्न राज्यों में इससे जुड़े मुकदमे भी लंबित हैं।

ईडी सूत्रों के मुताबिक जाँच में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे मामले में संगठित गिरोह और कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी हो सकती है।


इधर, महर्षि संस्थान की ओर से मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल चंदोरकर की पीठ ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की निगरानी में एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मामले लंबित होने के बावजूद यदि संपत्तियों की बिक्री हुई है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने बिना अनुमति बेची गई संपत्तियों की जाँच करने और पूरे मामले की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तीन माह में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जीवाड़े से जुड़े करोड़ों रुपये कहां और किस तरह इस्तेमाल किए गए। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना भी जताई जा रही है।
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Author: Jai Lok






