
जबलपुर (जयलोक)। विगत दिवस जबलपुर पधारे ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गगन नारंग एवं उनकी पत्नी कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता अन्नु राज सिंह द्वारा प्रोजेक्ट अमरजीत नामक एक विशेष राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की गई है। यह पहल गगन नारंग की माताजी अमरजीत की स्मृति को समर्पित है। इसका उद्देश्य भारत में शूटिंग खेल को मजबूत आधार प्रदान करना तथा प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों तक नि:शुल्क प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता पहुँचाना है।

इस प्रोजेक्टर से शूटिंग खिलाडिय़ों को नई दिशा मिल रही हैं जिससे वे अपने इस हुनर को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट अमरजीत की शुरुआत सबसे पहले जबलपुर से की। इसके अंतर्गत श्री नारंग एवं श्रीमती अन्नू राज सिंह ने गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी में दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया, जिसमें राइफल एवं पिस्टल शूटर्स को शूटिंग की बारीकियों, तकनीकी पहलुओं एवं प्रतियोगिता तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।

साथ ही खिलाडिय़ों के विभिन्न संशयों एवं समस्याओं का समाधान भी किया गया। श्री नारंग के जीवन में उनकी माताजी का विशेष योगदान रहा है, इसलिए उन्होंने प्रोजेक्ट अमरजीत की शुरुआत के लिए मदर्स डे का विशेष अवसर चुना। यह प्रोजेक्ट इस विचार पर आधारित है कि किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा केवल संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण सीमित नहीं होनी चाहिए।


प्रोजेक्ट अमरजीत देशभर के उभरते, मध्यम स्तर एवं उच्च स्तरीय निशानेबाजों, प्रशिक्षकों, शूटिंग अकादमियों तथा अभिभावकों को बिना किसी संस्थागत बाधा के सहयोग प्रदान करेगा।
तीन प्रमुख कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे
प्रोजेक्ट अमरजीत के अंतर्गत तीन प्रमुख कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे जिसमें पहला कार्यक्रम देशभर की उन शूटिंग अकादमियों में 3 से 5 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे जहाँ संसाधनों एवं तकनीकी मार्गदर्शन की कमी है।
दूसरे कार्यक्रम में विशेष रूप से उन उभरते निशानेबाजों के लिए तैयार किया गया है जिनमें भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन की संभावना दिखाई देती है। तीसरे कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं शूटिंग अकादमियों को संरचित परामर्श एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें प्रशिक्षण प्रणाली, प्रतियोगिता तैयारी तथा खिलाड़ी विकास संबंधी स्पष्ट दिशा मिल सके।
सीएम डॉ.मोहन के मंत्रियों के कार्यों की दो दिन चलेगी समीक्षा
Author: Jai Lok






