
जबलपुर (जयलोक)। पूरे देश प्रदेश में चर्चित हवाला कारोबारी को पुलिस द्वारा लूट जाने और करोड़ों रुपए की राशि हजम करने के कांड की मुख्य आरोपी बनाई गई सिवनी जिले की डीएसपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह महिला पुलिस अधिकारी पूजा पांडे के साथ-साथ उनके बच्चे के लिए भी बड़ी राहत की खबर है क्योंकि मजबूरी वश उसे भी मां के साथ जेल में ही रहना पड़ रहा था।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने उनके द्वारा दायर की गई जमानत अर्जी में प्रस्तुत एकल माता और मासूम बच्चे की परवरिश संबंधी मानवीय बिंदु को आधार बनाकर राहत प्रदान की है।

प्रकरण में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेंगी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि सस्पेंड डीएसपी जेल से बाहर आने के बाद अभियोजन संबंधी कार्रवाई में किसी तरह की कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगी। उधर पूजा पांडे के खास सहयोगी रहे सस्पेंड डीएसपी पंकज मिश्रा को पहले ही हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हालांकि पंकज मिश्रा की तमाम गतिविधियों पर पुलिस मुख्यालय में निगरानी के लिए एक विशेष टीम भी बना रखी है।
आरोप है कि पुलिस वर्दी और हथियारों का इस्तेमाल करते हुए योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया था।

कटनी से सिवनी के बीच हुआ पूरा खेल
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम कटनी से सिवनी के बीच चल रहे हवाला कारोबार के नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, कटनी से शुरू हुई हवाला रकम जब जबलपुर होते हुए सिवनी पहुंची तो इस दौरान स्थानीय पुलिस के कुछ अफसरों और कर्मचारियों की गुप्त सांठगांठ सामने आई।


2.96 करोड़ रुपए की रकम हड़पी
घटना उस वक्त की है, जब जालना महाराष्ट्र निवासी व्यापारी सोहनलाल परमार लगभग 2.96 करोड़ रुपए की रकम लेकर कार एमएच 13 ईके 3430 से जा रहा था। बंडोल थाना क्षेत्र में रात करीब 1 से 2 बजे के बीच पुलिस ने कार को रोक ली। आरोप है कि पुलिस ने व्यापारी और उसके साथियों को पास के जंगल में ले जाकर मारपीट की और रकम छीन ली। हालांकि बाद में छोड़ दिया, अगली सुबह पीडि़त ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।
Author: Jai Lok






