
जबलपुर (जय लोक)। गुरंदी के गल्ला मंडी मार्केट में देर रात भीषण आग लग गई। आग की लपटों ने बढ़ते हुए आसपास की सात दुकानों को भी अपने कब्जे में ले लिया। आग से उठते हुए धुए के गुब्बार को दूर से ही देखा जा सकता था। सात दुकानों में लगी आग से गुरंदी में अफरा तफरी मच गई। यहां दुकान संचालकों और क्षेत्रीय लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन गर्मी होने के कारण आग तेजी से फैलती गई। वहीं सूचना मिलते ही दमकल के वाहन पहुँचे जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद नुकसान का अनुमान लाखों में लगाया जा रहा है। वहीं आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।

आग की लपटों से घिरी दुकानें
दमकल कर्मियों ने बताया कि आग शेख फारूख की कबाड़ के गोदाम में लगी थी। जो बढ़ती गई और आसपास की 6 दुकानों को भी कब्जे में ले लिया। जिसमें आसिम बैग, मुन्ना बैग, मोहित टे्रडर्स की दुकानें भी आग की चपेट में आ गई। आग की विभीषिका को देखकर बाजार में मौजूद व्यापारियों, श्रमिकों और खरीदारों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे पूरे क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अनेक दुकानदार अपनी जान जोखिम में डालकर दुकानों के भीतर रखा कीमती सामान और गल्ले के बोरे बाहर सुरक्षित स्थानों पर निकालने की जद्दोजहद में जुट गए। हालांकि आग के आगे सभी के प्रयास विफल रहे और लाखों का सामान आखों के सामने जल गया।

शार्ट सर्किट से हुआ हादसा
हादसे का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। दमकल कर्मियों ने बताया कि शेख फारूख की दुकान में शार्ट सर्किट से आग लगी थी जो बढ़ती गई और गुरंदी की अन्य दुकानों को भी कब्जे में ले लिया। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और सुरक्षा के लिहाज से पूरे प्रभावित बाजार और रिहायशी क्षेत्र को तुरंत खाली करवा दिया। आसमान में चारों तरफ काले धुएं का विशाल गुबार फैल गया था जो कई किलोमीटर दूर से ही साफ दिखाई दे रहा था। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछारें कर आग को आगे बढऩे से रोका। यदि समय रहते आस-पास की दुकानों को खाली न कराया जाता तो यह नुकसान और अधिक भयानक हो सकता था।


आग बुझने के बाद दिखा धुआं ही धुआं
आग बुझने के बाद जब दुकान मालिकों ने अपनी अपनी दुकान के अंदर का नजारा देखा तो वहां धुआं के अलावा कुछ और दिखाई नहीं दे रहा था। दुकान के अंदर सुबह तक चिंगारियाँ दिखाई दीं। हालांकि आग पूरी तरह से बुझ चकी है लेकिन इस आग ने सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी खामी उजागर कर दी है।
चार घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग
दमकल कर्मियों ने बताया कि आग बुझाने में चार घंटे की मशक्कत लगी। इसके पूर्व दमकल वाहनों को घटना स्थल तक पहुँचने में भी संघर्ष करना पड़ा। यहां की सकरी गलियों और भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण दमकल वाहनों को पहुँचने में देरी लगी। एक के बाद एक दमकल वाहन आग के सामने पानी से खाली हो रहे थे। आग बढ़ती देख दमकल कर्मियों ने पहले आसपास की दुकानों में आग फैलने से रोकने का प्रयास किया। जिसके बाद आग बुझाने का क्रम शुरू किया गया।
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Author: Jai Lok






