
जबलपुर (जयलोक)। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज हड़ताल का ऐलान किया है जिसके तहत आज पूरे देश के साथ जबलपुर की थोक व फुटकर दवा दुकानें बंद हैं। एसोसिएशन का कहना है कि यह मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। घर-घर पहुँच रही ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट सिस्टम नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है। जिसको लेकर आज शहर के तीन हजार दवा दुकान संचालक इस हड़ताल में शामिल हुए और अपनी अपनी दुकानें बंद कर ऑनलाईन दवा बिक्री का विरोध जताया। जबलपुर जिला सहित प्रदेश व देशभर के 12.40 लाख केमिस्ट आनलाइन फार्मेसी की अनियंत्रित कार्यप्रणाली, शोषणकारी मूल्य निर्धारण सहित तीन सूत्रीय मांगों के समर्थन में सडक़ पर उतरें हैं।

अस्पतालों के मेडिकल शॉप बंद से मुक्त
एसोसिएशन ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी एवं गलत दवाओं के वितरण की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सिविक सेंटर में एकत्रित हुए दवा कारोबारी
आंदोलन के तहत आज सुबह 10 बजे दवा बाज़ार सिविक सेंटर में दवा दुकान संचालक एकत्रित हुए। यहां से सुबह 11 बजे रैली के रूप में गुरूद्वारा – मालवीय चौक, करमचंद चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। जहां कलेक्टर को अपनी माँगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। रेली में एमपीएमएसआरयू (एम, आर) के पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे।


एक करोड़ का कारोबार प्रभावित
दवा दुकान संचालकों की हड़ताल से शहर में करीब एक करोड़ रूपये का दवा कारोबार प्रभावित हुआ है। दवा दुकान संचालकों का कहना है कि वे अपने इस घाटे को बर्दास्त कर लेंगे लेकिन ऑनलाईन दवा बिक्री से होने वाले नुकसान को बर्दास्त नहीं करेंगे।
ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध तेज
दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी तक कोई मजबूत और पारदर्शी सिस्टम नहीं है। यही वजह है कि संगठन लंबे समय से इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है। एसोसिएशन का मानना है कि बिना पर्याप्त नियंत्रण के ऑनलाइन दवा वितरण लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।
नकली और एक्सपायरी दवाओं को लेकर चिंता
एसोसिएशन के प्रमुख सदस्य अशोक माखीजा ने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी और गलत दवाओं के वितरण की आशंका बढ़ रही है। इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि दवा जैसी संवेदनशील चीजों की बिक्री में सख्त निगरानी बेहद जरूरी है। यदि सही व्यवस्था नहीं रही तो इसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
हड़ताल के पहले ही कर दी थी अपील
दवा व्यापारियों ने हड़ताल के पहले ही शहरवासियों से अपील की थी कि वे 20 मई से पहले अपनी जरूरी दवाएं खरीद लें, ताकि हड़ताल के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
मरीजों को नहीं होगी परेशानी
दवा दुकान संचालकों की हड़ताल से आम जनता और मरीजों को कोई तकलीफ न हो और उन्हें जरूरत की दवाइयां आसानी से मिल सकें, इसके लिए प्रशासन ने समुचित इंतजाम किए गए हैं। औषधि निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया की मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बंद से कुछ जरूरी दवा केंद्रों को पूरी तरह मुक्त रखा गया है। आम नागरिक शहर के सभी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, अमृत फार्मेसी, सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और प्राइवेट अस्पतालों के अंदर चलने वाले मेडिकल स्टोर्स से दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे। ये सभी सामान्य दिनों की तरह ही अपने निर्धारित समय पर खुली रहेंगी, जिससे किसी भी मरीज का इलाज प्रभावित न हो।
Author: Jai Lok






