
पत्नी की बीमारी और बच्चों की देखभाल को बनाया ढाल
जबलपुर (जय लोक)। भ्रष्टाचार के मामले में सलाखों में कैद पूर्व आरटीओ आरक्षक डेढ़ सौ करोड़ के मालिक सौरभ शर्मा ने जेल से बाहर निकलने के लिए पारिवारिक परेशानी को अपनी ढाल बनाया है। सौरभ शर्मा ने अपनी पत्नी की गंभीर बीमारी और बच्चों की देखभाल का हवाला देकर हाईकोर्ट में अस्थाई जमानत के लिए याचिका दायर की है।

लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई में 150 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति के मालिक पाए गए सौरभ शर्मा वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी पत्नी की आगामी सर्जरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों को आधार बनाकर अदालत से राहत मांगी है। सौरभ शर्मा के इस कारण को लोग जेल से बाहर आने का बहाना मान रहे हैं। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत इस पर विचार कर रही है।
लोकायुक्त को मिली थी 150 करोड़ की संपत्ति – सौरभ शर्मा तब चर्चा में आए जब लोकायुक्त की टीम ने तत्कालीन आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर दबिश दी। जाँच के दौरान उनके ठिकानों से करीब 150 करोड़ की संपत्ति बरामद हुई। इस कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

पत्नी का होना है ऑपरेशन – लंबे समय से जेल में बंद पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने जेल से बाहर आने के लिए अब हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनके वकीलों की तरफ से उच्च न्यायालय में पेश की गई अर्जी में कहा गया है कि उनकी पत्नी की तबीयत काफी खराब है और उन्हें तत्काल एक बड़े ऑपरेशन यानी सर्जरी की जरूरत है। इसके साथ ही घर में बच्चों की देखरेख करने वाला कोई दूसरा जिम्मेदार सदस्य नहीं है। इन्हीं मानवीय और पारिवारिक आधारों को सामने रखकर कुछ समय के लिए जमानत देने की गुहार लगाई गई है ताकि वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें।


Author: Jai Lok






