Download Our App

Home » News » इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के नाम पर बिक रहे कचरा वाहनों पर लगेगी लगाम, बीईई ने बनाया स्टार रेटिंग मसौदा

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के नाम पर बिक रहे कचरा वाहनों पर लगेगी लगाम, बीईई ने बनाया स्टार रेटिंग मसौदा

नई दिल्ली (एजेंसी/जयलोक)। इन दिनों इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के नाम पर मुनाफाखोर जमकर कचरा वाहन बनाकर सस्ते में बेच रहे हैं। अब इस पर रोक लगाने में नया मसौदा कारगर साबित होगा। बिजली मंत्रालय के अधीन कार्यरत ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ई2डब्ल्यू) के लिए एक स्वैच्छिक स्टार लेबलिंग कार्यक्रम का मसौदा जारी किया है।

इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को खरीद के समय बेहतर जानकारी प्रदान करना है, ठीक वैसे ही जैसे एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर जैसे बिजली के उपकरणों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली कार्य करती है। मसौदे के अनुसार यह रेटिंग विशिष्ट ऊर्जा खपत (किलोवॉट-घंटे प्रति 100 किलोमीटर) पर आधारित होगी। सर्वाधिक ऊर्जा कुशल वाहन, जिनकी खपत 1.6 केडब्यूएच प्रति 100 किलोमीटर से कम होगी, उन्हें सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग दी जाएगी। वहीं, 3.24 से 3.78 केडब्यूएच प्रति 100 किलोमीटर खपत करने वाले वाहनों को 1-स्टार मिलेगा। 2.69 केडब्यूएच से अधिक लेकिन 3.24केडब्यूएच से कम खपत वाले वाहनों को 2-स्टार, 2.15 केडब्यूएच से अधिक लेकिन 2.69 केडब्यूएच से कम खपत वाले वाहनों को 3-स्टार, और 1.6 से 2.15 केडब्यूएच के बीच खपत वाले वाहनों को 4-स्टार रेटिंग मिलेगी। बीईई के विश्लेषण से पता चला है कि वर्तमान में, भारत में 26 फीसदी ई2डब्ल्यू 1-स्टार, 55 फीसदी 2-स्टार और 18 फीसदी 3-स्टार श्रेणी में आते हैं। केवल 1 फीसदी मॉडल ही 4-स्टार रेटिंग हासिल कर पाते हैं, जबकि कोई भी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सर्वोच्च 5-स्टार श्रेणी के वैश्विक बेंचमार्क को पूरा नहीं करता।

बीईई के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मॉडलों और भारत के बीच लगभग 10 प्रतिशत का दक्षता अंतर है। वैश्विक संदर्भ में, भारत में औसत विशिष्ट ऊर्जा खपत 2.67 केडब्यूएच  प्रति 100 किलोमीटर है, जो वैश्विक औसत 2.52 केडब्यूएच से 6 फीसदी अधिक है। यह इंडोनेशिया (2.31 केडब्यूएच), चीन (2.1 केडब्यूएच) और वियतनाम (1.8 केडब्यूएच) जैसे देशों से पीछे है, हालांकि यूरोप (3.85 केडब्यूएच) से बेहतर है। इस स्टार लेबलिंग कार्यक्रम के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं: उपभोक्ताओं को ऊर्जा खपत, रेंज और दक्षता पर स्पष्ट जानकारी प्रदान करना; निर्माताओं को ऊर्जा-कुशल वाहन बनाने के लिए प्रोत्साहित करना; और अंतत: इस क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना। बीईई का स्टार लेबलिंग कार्यक्रम, जो 2006 में स्वैच्छिक रूप से शुरू हुआ था, अब 41 उपकरणों तक विस्तारित हो चुका है, जिनमें से 18 अनिवार्य हैं। मसौदा अब विभिन्न हितधारकों, जिनमें दोपहिया कंपनियां और उनके संघ शामिल हैं।

पीएम मोदी और प्रधानमंत्री रामगुलाम ने की व्यापक वार्ता

 

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » News » इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के नाम पर बिक रहे कचरा वाहनों पर लगेगी लगाम, बीईई ने बनाया स्टार रेटिंग मसौदा

Top Headlines

Live Cricket