
जबलपुर (जयलोक)। सिहोरा तहसील में आयरन ओर के स्वीकृत मात्रा से अधिक उत्पादन और उत्खनन के मामले में विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक से जुड़ी तीन खनन कंपनियों से 443 करोड़ रुपए तथा देय जीएसटी की वसूली का मुद्दा विधानसभा में उठा। विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने सरकार से पूछा कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई, वसूली हुई या नहीं तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध क्या कदम उठाए गए।
अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के कारण विलंब के लिए किसी अधिकारी को दोषी नहीं माना गया है। इसलिए किसी के विरुद्ध विभागीय या वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। अंतिम आदेश के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच दल ने सौंपी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित उत्तर में बताया कि आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स और पैसिफिक एक्सपोर्ट की ओर से सिहोरा तहसील में स्वीकृत मात्रा से अधिक आयरन ओर उत्पादन के आरोपों की जांच के लिए दल गठित किया गया था। जांच दल ने संबंधित कंपनियों से 4,43,04,86,890 रुपए तथा देय जीएसटी की वसूली की अनुशंसा करते हुए अपना प्रतिवेदन खनिज साधन विभाग को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन और खनिज संचालनालय ने कलेक्टर (खनिज शाखा), जबलपुर को नियमानुसार वसूली और अन्य आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के अनुसार पूरा मामला वर्तमान में कलेक्टर, जबलपुर के न्यायालय में विचाराधीन है। इसी कारण अब तक 443 करोड़ रुपए और जीएसटी की वसूली नहीं की जा सकी है। न्यायालय का अंतिम आदेश आने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक डकैतों से अब तक 5 किलो सोना, 5 लाख नगद बरामद और सोना बरामद करने आरोपी को लेकर बिहार गई पुलिस
Author: Jai Lok





