
जबलपुर (जयलोक)। बरेला स्थित स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक महिला के साथ बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह लापरवाही किसी कर्मचारी ने नहीं बल्कि वरिष्ठ पदों पर बैठे अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करता है। यहां महिला कर्मचारी की सेवानिवृत्त की तिथि निकल जाने के बाद भी उसे सेवानिवृत्त नहीं किया जा रहा है बल्कि महिला से बाकायदा काम कराया जा रहा है।
श्रीमती सरोज बिल्लौर स्वास्थ्य विभाग, बरेला में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नियमानुसार सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में होनी थी, किंतु विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही बरते जाने के कारण उन्हें निर्धारित समय पर सेवा से मुक्त नहीं किया गया। श्रीमती सरोज बिल्लौर द्वारा अपनी सेवानिवृत्ति प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए विभागीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया गया। इसके बावजूद समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें अपने अधिकारों के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेना पड़ा। उच्च न्यायालय द्वारा भी नियमानुसार सेवानिवृत्ति की कार्यवाही किए जाने के संबंध में आदेश/निर्देश दिए गए, इसके बावजूद विभागीय स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।

बड़ी लापरवाही उजागर- निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि के बाद भी कर्मचारी को सेवा में बनाए रखने के कारण शासकीय राशि का वेतन के रूप में भुगतान हुआ। यदि कर्मचारी की सेवा अवधि नियमानुसार समाप्त हो चुकी थी, तो उसके बाद हुए वेतन भुगतान की वैधानिकता एवं इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जाँच किया जाना आवश्यक है।

कलेक्टर को सौंपी शिकायत – इस मामले में मप्र यूथ कांगे्रस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र गौतम ने महिला के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और महिला को सेवानिवृत्त किए जाने की माँग की है। साथ ही जांच के दौरान यदि अन्य प्रकरणों में भी इसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


Author: Jai Lok






