
मसूरी-चकराता हाईवे बंद, कूलागाड़ पुल टूटने के बाद बीआरओ वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में जुटा
हल्द्वानी। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सडक़ और यातायात व्यवस्था प्रभावित है। मलबा आने और सडक़ धंसने से कई मार्ग बंद हो गए हैं। गुरुवार को मसूरी-चकराता हाईवे पर मसूरी बैंड से करीब तीन किलोमीटर पहले गश्ति बैंड में कर्नल विला के पास सडक़ धंसने से यातायात पूरी तरह बंद हो गया। सडक़ पर बड़ी दरारें पड़ गई हैं। फिलहाल वाहन अगलाड़-थत्यूड़-सुवाखोली मार्ग से मसूरी पहुंच रहे हैं।
उधर, पिथौरागढ़ जिले में टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर धारचूला से आगे कूलागाड़ पुल टूटने के कारण चीन सीमा की ओर संपर्क प्रभावित है। मार्ग को जल्द बहाल करने के लिए सीमा सडक़ संगठन (बीआरओ) वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद यहां अस्थायी रास्ता बनाने का काम जारी है।
यहां बताते चलें कि बुधवार को अस्थायी व्यवस्था के तहत मार्ग के नीचे बड़े पत्थर बिछाए गए थे। अब इनके ऊपर रैंप तैयार किया जा रहा है। बीआरओ के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो जल्द ही कूलागाड़ के रास्ते वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है।
कैलास मानसरोवर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित
कूलागाड़ मार्ग की स्थिति को देखते हुए कैलास मानसरोवर यात्रा के नौवें दल ने गुंजी से धारचूला की ओर प्रस्थान करने का निर्णय लिया है। यात्रा दल फिलहाल गुंजी में है। मार्ग की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित तरीके से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन और सीमा सडक़ संगठन की टीमें मार्ग बहाली के प्रयासों में जुटी हैं। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सडक़ धंसने की आशंका को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
Author: Jai Lok






