
नई दिल्ली। अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच भारतीय नागरिकों के डिपोर्टेशन का मुद्दा फिर चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अगस्त के पहले 15 दिनों में 5,200 से अधिक भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने का दावा किया गया है। इनमें अवैध रूप से रहने वालों के अलावा एच-1बी, ओ-1 और छात्र वीजा पर अमेरिका पहुंचे भारतीयों के मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं। अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट की ओर से कार्रवाई तेज किए जाने की बात कही गई है। जून में ही 801 भारतीय नागरिकों को रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए थे। हालांकि रिमूवल ऑर्डर जारी होने का अर्थ तत्काल डिपोर्टेशन नहीं होता। संबंधित व्यक्ति इसके खिलाफ अदालत में अपील कर सकता है या स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ सकता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 में 3,567 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था। वहीं जून 2026 तक 1,076 भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने की जानकारी दी गई थी। फरवरी 2025 में अमेरिका ने पहली बार सैन्य विमान से 104 भारतीयों को अमृतसर भेजा था। उस दौरान कई लोगों को हथकड़ी और पैरों में बेडिय़ां लगाए जाने की तस्वीरें सामने आई थीं, जिस पर भारत में राजनीतिक विवाद भी हुआ था।
वीजा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
रिपोर्टों में ऐसे मामलों का भी उल्लेख है, जिनमें वैध वीजा पर अमेरिका पहुंचे लोगों पर नियमों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी कार्रवाई के दावे सामने आए हैं। हालांकि प्रत्येक मामले में डिपोर्टेशन के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
शहर के बाजारों में नकली खाद्य सामग्री की भरमार, मिलावटी खाद्य सामग्री बढ़ा रही बीमारियाँ
Author: Jai Lok






