
करसोलिया की करतूतों के और खुलेंगे कारनामे, लव जिहाद और कॉलेज प्रांगण में छात्रा से बलात्कार का मामला भी आ चुका है सामने
जबलपुर (जयलोक)। शहर के निजी कॉलेजों में हमेशा विवाद में रहने वाले श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में विगत दिनों हुए 58 लाख रुपए के फीस गबन का मामला अब आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्लू के समक्ष शिकायत के रूप में पहुँचेगा। एम पी एस यू ने उपलब्ध साक्ष्यों के साथ इस बड़े आर्थिक गबन और धोखाधड़ी की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा से करने की तैयारी कर ली है।
कुछ दिनों पहले दर्जनों छात्र-छात्राओं के द्वारा जमा की गई फीस की रसीद होने के बावजूद भी उन्हें कालेज संचालकों और प्रबंधकों के द्वारा एनओसी नहीं दी गई थी इसके बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने इस मुद्दे को उठाया था।
कॉलेज के संचालक आर के करसौलिया और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी और गबन के आरोपों के अलावा भी कई प्रकार के गंभीर आरोप लगे थे जिनमें कर्मचारियों के शोषण के आरोप भी शामिल हंै। इन शिकायतों की जाँच पुलिस अधीक्षक कार्यालय और थाने में पहले से ही लंबित है। कॉलेज के संचालकों के द्वारा जांच को प्रभावित करने का पूरा प्रयास किये जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं।
कलेक्टर ने बनाई है जाँच कमेटी – छात्र संगठनों के द्वारा छात्र-छात्राओं के साथ किए गए गबन और फर्जीवाड़े के मामले की शिकायत तत्कालीन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के समक्ष पहुँची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अधारताल एसडीएम के नेतृत्व में एक जाँच टीम गठित की। इस जाँच कमेटी के समक्ष भी कॉलेज के संचालक तथ्यों को छुपाकर गलत और अधूरी जानकारी देकर खुद को बचाने का बचाने प्रयास करते नजऱ आये। जाँच कमेटी के समक्ष अधूरी जानकारी प्रस्तुत की गई है पैसे के लेने देन का पूरा हिसाब होना अभी बाकी है। जाँच पूरी होने पर इस बड़े घोटाले और गबन के अपराध में कॉलेज के संचालकों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।
एम.पी.एस.यू के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने छात्र-छात्राओं के साथ हुई धोखाधड़ी के इस मामले में निष्पक्ष जाँच और असली दोषियों तक पुलिस की कार्यवाही और जाँच के परिणाम निष्पक्षता के साथ सार्वजनिक करने की मांग की है। अध्यक्ष अभिषेक पांडे के द्वारा पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन के माध्यम से जाँच को प्रभावित कर मामले को दबाने के किए जा रहे प्रयासों के संबंध में भी शिकायत सौपी गई है।
छात्र-छात्राओं के साथ हुए 58 लाख रुपए से अधिक के फीस घोटाले के मामले में दर्ज अपराध की निष्पक्ष जाँच की माँग हो रही है। एमपीएसयू के अध्यक्ष अभिषेक पांडे का कहना है कि यह घोटाला और बड़ा है और इसके अलावा भी कॉलेज प्रबंधन और संचालकों के द्वारा छात्रों और शासन के साथ बड़े आर्थिक घोटाले किए गए हैं। जिसकी शिकायत अब आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्लू से भी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि श्रीराम कॉलेज में पहले भी कई बार विवादास्पद काण्ड हो चुके हैं जिसमें सन् 2024 में कथित तौर पर लवजिहाद और धर्मपरिवर्तन के गंभीर आरोप लगे थे। इसके साथ ही नवम्बर 2024 में कॉलेज परिसर में दुष्कर्म की एक गंभीर घटना भी छात्रों के साथ सामने आई थी। जिसके बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया था। अब ऐसे ही नये आरोप संचालक पर लगे हैं।

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