
जबलपुर (जय लोक)
जबलपुर में लगभग 3 लाख सहारा के निवेशक है जिनका पैसा आज तक नहीं मिला है चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी ने लोगों को आश्वासन जरूर दिया है लेकिन आज तक सहारा में फंसी हुई रकम किसी को नहीं मिल पाई है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने खुले मंच से यह घोषणा की थी कि चुनाव हो जाने के बाद सहारा निवेशकों का फंसा हुआ पैसा वापस लौट आया जाएगा। 5000 करोड़ के भुगतान वापसी के लिए पोर्टल का निर्माण किया गया , लेकिन यह पोर्टल काम ही नहीं कर रहा है। इस कारण निवेशक और अधिक परेशान हो रहा हैं। सौरभ शर्मा ने कहा कि सहारा के निवेशकों को गुमराह किया जा रहा है। अब इस पोर्टल के माध्यम से अगर कोई सहारा का निवेशक अपना आवेदन जमा करना भी चाहे तो वह नहीं कर सकता क्योंकि उसकी पॉलिसी या फिर निवेश से संबंधित जो भी दस्तावेज हैं वह सहारा के कार्यालय में है।
हमने पूर्व में भी मांग की थी कि सहारा के निवेशकों को दस्तावेज दिलवाने के लिए सहारा इंडिया के कार्यालय को खोला जाए और जिम्मेदार लोग निवेशकों के दस्तावेज दें ताकि वह पोर्टल के माध्यम से अपने भुगतान के लिए आवेदन कर सकें। आज ज्ञापन सौंपने के दौरान निवेशक अभिकर्ता हितकारी संघ ने यह माँग की है कि अगर अगले 2 दिनों के अंदर जिला प्रशासन के माध्यम से इंडिया कार्यालय खुलवा कर निवेशकों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। हमारा संगठन निवेशक अभिकर्ता हितकारी संघ जबलपुर रजि. एवं देश के और कई संगठनों ने विगत 4 वर्षो से सहारा इंडिया के निवेशकों को उनके भुगतान दिलाने के लिए संघर्ष करते रहे। जिसके परिणाम स्वरूप दिनाँक 18 जुलाई 2023 को सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा निवेशकों को उनके रिफंड दिलाने के लिये एक पोर्टल जारी किया जिससे सहारा इंडिया के गरीब और छोटे निवेशकों में उनके खून पसीने की कमाई वापस मिलने की एक आस जाग उठी। शहर भर में सहारा के लाखों निवेशकों ने इस पोर्टल में दावे प्रस्तुत कर पोर्टल में रजिस्ट्रेशन किया। पर इस पोर्टल में जटिलताओं के कारण उनके निवेश में तमाम तरह की कमियां आ रही है। जोकि की सहारा इंडिया द्वारा उनके निवेश लेते समय की गई है इन कमियों का निवेशकों से कोई लेना देना नहीं है। फिर भी उन्हें सी आर सी द्वारा मैसेज भेजा जा रहा और उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है।

Author: Jai Lok






