
जबलपुर (जय लोक)। आज सुबह ही दिल्ली से संसद के सत्र में शामिल होकर लौटे नव नियुक्त सांसद आशीष दुबे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार सिहोरा प्रवास पर जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में उन्हें विजयनगर क्षेत्र में सडक़ पर भारतीय जनता पार्टी का एक ध्वज सडक़ पर पड़ा हुआ दिखाई दिया। पार्टी के ध्वज पर नजर पड़ते ही तत्काल उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और खुद नीचे उतरकर सडक़ पर पड़े पार्टी के ध्वज को उठाया और व्यवस्थित रखा। सांसद आशीष दुबे की दृष्टि से यह वाक्या समान्य हो सकता है क्योंकि भाजपा का हर नेता और कार्यकर्ता पार्टी को माँ की संज्ञा देता है और उसके प्रतीकात्मक चिन्ह के इस प्रकार से निराधार को बर्दाश्त करना आस्था को ठेस पहुंचाना जैसा है। लेकिन जिसने भी सांसद आशीष दुबे के इस कर्म को देखा उन्हें यह घटना असामान्य लगी क्योंकि इस सडक़ से सैकड़ों हजारों भाजपा के कार्यकर्ता और नेता गुजर गए होंगे , लेकिन उन्होंने यह जहमत नहीं उठाई। बतौर सांसद आशीष दुबे ने पार्टी के प्रति अपनी आस्था का प्रदर्शन कर पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के समक्ष भी एक अच्छा उदाहरण पेश किया है।

Author: Jai Lok







