
(जय लोक)। अपनी हिन्दू संस्कृति में नारियल का बड़ा महत्व माना जाता है, इसे ‘श्रीफल’ के नाम से भी पुकारा जाता है पूजा पाठ के अलावा किसी शुभ कार्य की शुरुआत भी नारियल फोड़ कर की जाती है। ये भी कहा जाता है कि नारियल में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स होते हैं। एक मान्यता तो ये भी है कि अगर गर्भवती स्त्री रोज कच्चा नारियल खाएं तो उसकी होने वाली संतान का रंग गोरा होता है। मोटापा कम करने में, प्यास बुझाने में भी नारियल का उपयोग होता है, लेकिन इस बेचारे नारियल की बदकिस्मती तो देखो वो सर्वगुण संपन्न होने के बाद भी ताजिंदगी हवाई जहाज की यात्रा नहीं कर पाएगा और इसके पीछे कारण ये बताया जाता है कि चूंकि नारियल में तेल होता है इसलिए नारियल को हवाई जहाज में यात्रा करने की साफ मनाही है क्योंकि इसका तेल ज्वलनशील हो सकता है और किसी भी ज्वलनशील पदार्थ को हवाई जहाज में ले जाने की मनाही है। अरे भैया ये भी तो सोचो कि जो यात्री तुम्हारे हवाई जहाज में उड़ रहे हैं हो सकता है उसमें से बीस पच्चीस पर्सेंट लोग अपने सर में नारियल का तेल लगाकर बैठे हों तो वो भी तो जलनशील है लेकिन उनको इसलिए नहीं रोक सकते क्योंकि वे मनमाना पैसा देकर यात्रा कर रहे हैं लेकिन बेचारा गरीब नारियल कहां से टिकट खरीदे ? और फिर दूसरी बात ये भी है कि नारियल अपने अंदर तेल भरे हुए हैं और बाहर से साधुओं जैसे जटा जूट भी धारण कर लिया है अब इनमें भी आग लगने का डर है तो दो तरह के जो कारण लोगों ने नारियल के बता दिए हैं उस चक्कर में उसे बेचारे को हवाई यात्रा करने का कभी मौका नहीं मिल पाएगा। इधर लोग अपने कुत्ते, बिल्ली, चूहा, चिडिय़ा, तोता को हवाई जहाज में ले जाते हैं उन्हें कोई नहीं रोकता, कहर टूटता है तो सिर्फ इस बेबस निरीह कमजोर नारियल पर । सारे नियम कानून इस पर ही लागू हो रहे हैं नारियल से मोहब्बत करने वाले यात्रियों ने कई बार हवाई जहाज वाली कंपनियों से कहा कि हम उसकी दाढ़ी मूंछ कटवा देंगे इसको फोड़ भी देंगे,और ज्यादा दिक्कत है तो सिर्फ इसके अंदर का गोला हवाई जहाज में ले जाएंगे बावजूद इसके हवाई जहाज वालों ने साफ मना कर दिया कि नहीं नारियल की तो बात ही ना करना। अपना तो नारियल के चाहने वालों से ये कहना है कि अगर हवाई जहाज वाले नारियल को ले जाने तैयार नहीं है तो आप लोग ‘नारियल की बर्फी’ बना लो और छाती ठोक के उस बर्फी को अपने साथ जहां चाहे वहां ले जाओ, पूरे विश्व की यात्रा कर डालो, देखें आपको कौन रोकता है क्योंकि बर्फी तो बर्फी है चाहे नारियल की हो या फिर खोवे की, उस पर तो कोई रोक-टोक है नहीं, कम से कम इसी बहाने बेचारा नारियल हवाई यात्रा तो कर लेगा और उसका जीवन धन्य हो जाएगा।
उनका बस चले तो
हाल ही में अपने देश की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में कहा कि जितने भी सरकारी बैंक हैं उनमें जमा राशि लगातार कम होती जा रही है जो चिंतनीय विषय है इसके लिए बैंकों को चाहिए कि वे लोगों को लुभाएं और अपनी जमा राशि में बढ़ोतरी करें , शायद वित्त मंत्री को ये मालूम नहीं कि इन बैंकों का अगर बस चले तो ये बैंक जमा राशि पर भी ब्याज देने की तो बात ही छोड़ दो जमाकर्ता से ही ब्याज वसूलने लगें कि हम तुम्हारा पैसा सुरक्षित रखे हुए हैं इसके बदले हमें पारिश्रमिक दो। हमने तो वो जमाना भी देखा है जब बैंकों में फिक्स डिपॉजिट पर चौदह और पंद्रह फीसदी सालाना ब्याज मिला करता था जो अब घट के छह परसेंट पर आ गया है अब आप ही सोचो कि जब बैंक वाले ब्याज ही नहीं दे रहे हैं तो कौन बेवकूफ़ होगा जो बैंक में पैसा जमा करेगा ,और भी बहुत से रास्ते हैं अपना पैसा बढ़ाने के ये तो अच्छा हुआ कि निजी बैंक खुल गए और उन्होंने जमा राशि पर ब्याज की दर बढ़ा दी वरना सरकारी बैंक पैसा जमा करने वाली की लाई लूटने में कोई कसर बाकी ना रखते, लेकिन अब ये उम्मीद है कि वित्त मंत्री के आदेश पर इन बैंकों को लोगों की जमा राशि पर ब्याज बढ़ाना पड़ेगा वरना वो दिन दूर नहीं जब यह तमाम बैंक कंगलों की श्रेणी में आ जाएंगे इसलिए अभी भी वक्त है बढ़ा दो जमा राशि पर ब्याज और फिर देखो लोग कैसे आपके यहां पैसा जमा करने के लिए लाइन लगाते हैं।
रेवड़ी से वोट मिलते हैं
महाराष्ट्र हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को जबरदस्त डांट लगाई और कहा कि रेवडिय़ों के लिए बर्बाद करने आपके पास बहुत पैसा है लेकिन एक गरीब की जमीन का मुआवजा देने के लिए आपके पास पैसा नहीं है अगर ऐसा ही चला तो हमें आपकी ‘लडक़ी बहन’ और ‘लडक़ा भाऊ’ जैसी योजनाओं पर रोक लगाना पड़ेगा । दरअसल किसी गरीब की जमीन का मुआवजा सरकार देने में असमर्थता व्यक्त कर रही थी जिस पर हाई कोर्ट को गुस्सा आ गया था । अब हाई कोर्ट को कौन बताएं कि रेवडिय़ों से इन नेताओं को कितना फायदा होता है इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो मध्य प्रदेश में ही देख लो ‘लाडली बहना’ के नाम पर महिलाओं को जो सरकारी खजाने से नोट बांटे जा रहे हैं उसका फल ये निकला कि जितनी उम्मीद भाजपा को नहीं थी उससे ज्यादा सीटें उसे विधानसभा में मिल गई और लोकसभा में तो कांग्रेस का फट्टा ही साफ हो गया, तो अब सब सरकारों ने समझ लिया है कि कौन सा अपनी जेब से जाना है पैसा, जनता का पैसा है बांटो और वोट पाओ । जनता को भी लगता है फ्री फोकट में माल मिल रहा है और जो दे रहा है तो क्यों ना उसी को वोट दें, बस हर सरकार में यही कंपटीशन चल रहा है कि कौन कितना माल फ्री फोकट में दे सकता है कर्जा हो रहा है तो होने दो कौन सा वो भी अपने को अपनी जेब से चुकाना है ज्यादा होगा तो जनता पर टैक्स लगा देंगे लेकिन रेवड़ी तो बांट के रहेंगे क्योंकि ये पैसा रूपी रेवड़ी ही सत्ता के सिंहासन पर पहुंचाने में सबसे ज्यादा मुफीद साबित हो रही है और जब यह स्कीम नेताओं को सत्ता के सिंहासन पर बैठा रही है तो कौन सा ऐसा नेता होगा जो रेवड़ी बांटने में कंजूसी करेगा, अब देखना ये कि हाई कोर्ट इस मामले में आगे क्या निर्णय लेता है ।
सुपर हिट ऑफ द वीक
श्रीमान जी दारू पीकर आए, लेकिन श्रीमती जी की बातें न सुनना पड़ें इसलिए अपना लैपटॉप लेकर काम करने का नाटक करने लगे ।
थोड़ी देर बाद श्रीमती जी
चिल्ला कर बोली
आज फिर पीकर आए हो
नहीं तो श्रीमान जी ने उत्तर दिया
फिर अटैची खोलकर क्या
टाइप कर रहे हो बेवड़े

Author: Jai Lok







