
जबलपुर (जयलोक)
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 अगस्त को एससी, एसटी को आरक्षण में उप वर्गीकरण के संबंध में दिए गए निर्णय के विरोध में 17 अगस्त को निकाली गई महारैली के बाद आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ द्वारा आज जबलपुर बंद का आव्हान किया गया है। संघ के अध्यक्ष देवेश चौधरी ने बताया की भारत बंद के आव्हान के तहत शहर के दलित आदिवासी संगठनों के द्वारा अंबेडकर चौक से रैली निकाली निकाली, जो घमापुर, भानतलैया, हनुमानताल, मिलोनीगंज, सराफा, बड़ा फुहारा, सुपर मार्केट होते हुए मालवीय चौक पर समाप्त हुई। विरोध के तहत इस बात का ध्यान रखा गया कि शांति पूर्वक हो। पुलिस ने भी एक दिन पूर्व बैठक में साफ कह दिया था कि विरोध में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं होगी, नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने भी आयोजकों से कहा गया कि बंद का आव्हान के दौरान किसी से जोर जबरदस्ती नहीं की जाए, स्वेच्छा से बंद का आग्रह किया जाए।
सुबह से खुलीं दुकानें
आज बंद के आव्हान के दौरान सुबह से ही शहर भर की दुकानें खुलीं रहीं। हालंाकि वाहनों में बंद को समर्थन करने वाले युवा लोगों से समर्थन मांगते दिखे। रोज की तरह, दुकानें, बाजार गुलजार रहे। स्कूल कॉलेज भी रोज की तरह ही खुले।
भीम आर्मी ने निकाली रैली
बंद के दौरान, अंबेडकर चौक पर भीम आर्मी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और इसके बाद जबलपुर बंद करने के उद्देश्य से रैली निकाली। रैली के दौरान कुछ दुकानों को अस्थायी रूप से बंद किया गया, लेकिन रैली के आगे बढऩे के साथ ही वे पुन: खुल गईं।
ये है संगठनों की माँगें
भीम आर्मी के साथ कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा और अन्य संगठनों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आरक्षण को खत्म करने के प्रयास कर रही है और इसके लिए अब वह कोर्ट का सहारा ले रही है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, अन्यथा वे आगे चलकर सडक़ पर बड़े आंदोलन करेंगे। रैली में पूर्व नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर, पूर्व पार्षद रुक्मणी गोटिया, कम्युनिस्ट पार्टी के राजेंद्र गुप्ता, प्रीतम चौधरी और इंजीनियरिंग कॉलेज संगठन के अखिलेश एवं विजय अहिरवार के साथ सैकड़ों लोग शामिल थे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
भारत बंद को देखते हुए, जबलपुर में हर चौराहे और बाजारों में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

Author: Jai Lok







