Download Our App

Home » अपराध » मेडिकल में एम्बुलेंस माफिया का खूनी संघर्ष: किसकी शह पर पनप रहा एम्बुलेंस माफिया,सतना तक शव ले जाने के मांगे 16 हजार

मेडिकल में एम्बुलेंस माफिया का खूनी संघर्ष: किसकी शह पर पनप रहा एम्बुलेंस माफिया,सतना तक शव ले जाने के मांगे 16 हजार

गंभीर चोटों के बाद भी पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

बिना रेट लिस्ट का बूथ बना उगाही का अड्डा

जबलपुर (जयलोक)
नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में एम्बुलेंस अब सेवा और सुविधा का काम नहीं बल्कि माफियागिरी करने का जरिया बन गई है। यहां पर लंबे समय से मोक्ष संस्था की मांग के बाद पुलिस ने एक प्री-पेड बूथ खोला था। जिसका उद्देश्य था कि जबलपुर और आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को जरूरत पडऩे पर किफायती दर पर एम्बुलेंस उपलब्ध हो सके और वो लोग किसी प्रकार की लूट खसोट का शिकार ना हो पाएं। लेकिन अब यह बूथ केवल एम्बुलेंस माफिया के इशारे पर काम कर रहा है और यहां बैठने वाला व्यक्ति एम्बुलेंस के हर ट्रिप का कमीशन खाने लगा है। यह आरोप सतना के चुरमुरी गांव से आए एक व्यक्ति ने लगाए जिसके परिजन की मौत हो गई थी और शव को गांव ले जाने के लिए एम्बुलेंस माफिया के लोगों ने 16 हजार रूपये की मांग की थी। जबकि सामान्य रूप से 8 से 9 हजार रूपये में यह कार्य हो जाता है। यहीं वजह विगत दिवस हुए खूनी संघर्ष का कारण बना।
18 तारीख की दरमियानी रात मोक्ष संस्था के संचालक आशीष ठाकुर के पास देर रात में सतना के एक व्यक्ति का फोन आता है जो यह बताता है कि उसके परिजन की ईलाज के दौरान मेडिकल में मौत हो गई और वह शव लेकर अपने गांव जाना चाहता है लेकिन वहां मौजूद एम्बुलेंस संचालक उससे 16 हजार रूपये की मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। उसने मदद मांगी कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं कृपया सस्ते में वाहन उपलब्ध कराने में मदद करें। इसके बाद आशीष ठाकुर मेडिकल पहुँचे और वहां मौजूद पुलिस के सिपाही सतपाल को पूरी बात बताई।
आशीष ठाकुर ने पुलिस को बताया कि बातचीत के कुछ देर बाद ही वहां पर एम्बुलेंस चलाने वाला बबलू बाल्मीक अपने बेटे भतीजों के साथ पहुँच गया और इसी बात को लेकर उन्होंने आशीष ठाकुर पर जानलेवा हमला कर दिया। आशीष ठाकुर जबलपुर हॉस्पिटल में भर्ती हैं और चार दिनों बाद भी उस पर हुए जानलेवा हमले के संबंध में पुलिस ने मामला मामूली धाराओं के तहत दर्ज किया है उसकी मुलायजा रिपोर्ट तक जमा नहीं की गई है।
दूसरी ओर बबलू बाल्मीक और उसके परिजनों ने आशीष ठाकुर के लोगों द्वारा हमला किए जाने की बात कही है। इस पर आशीष ठाकुर का कहना है कि उसने किसी के साथ मारपीट नहीं की जबकि उसके ऊपर मिलकर हमला किया गया है और वह पुलिस चौकी के अंदर था।
राजनैतिक हस्ताक्षेप की चर्चा
इस पूरे मामले में इस बात के आरोप लग रहे हैं कि हमला करने वाले लोगों को बचाने के लिए एक बड़े नेता के रिश्तेदार का फोन लगातार पुलिस के पास आ रहा है और वह कार्रवाही नहीं करने दे रहे हैं। दूसरी ओर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि मेडिकल पोषित हो रहा एम्बुलेंस माफिया किसकी शह पर पनपता जा रहा है।
बिना रजिस्टे्रशन के  चल रही एम्बुलेंस
जानकारी में यह बात भी सामने आईं हैं कि मेडिकल में बहुत सारी एम्बुलेंस केवल वाहन में सीट लगाकर और ऊपर नीली बत्ती लगाकर तैयार कर ली गई हैं। इनके पास किसी प्रकार का कोई भी प्रमाणित दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। उसके बावजूद भी धड़ल्ले से ऐसी एम्बुलेंसों को चलाया जा रहा है।
इनके खिलाफ कार्रवाही ना होने से भी एम्बुलेंस माफिया को भी बढ़ावा मिलता जा रहा है और आपराधिक किस्म के लोग अपना बर्चस्व स्थापित करने में लगे हुए हैं।
पुलिस की भूमिका  पर उठ रहे सवाल
मेडिकल का एम्बलेंस माफिया मनमर्जी से मजबूरी में फंस मरीज और उनके परिजनों से पैसे उगाही का काम करता है। सूत्रों का दावा है कि इस मामले में गढ़ा थाने में पदस्थ कुछ पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है और उन्हीं की शह पर यह कमीशनबाजी का खेल पनप रहा है। मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर ने आरोप लगाया है कि प्री-पेड बूथ में ना तो लिस्ट लगी है और ना ही एम्बुलेंस के दाम तय करने का कोई नियम चलता है। सिर्फ कमीशन दे-देकर पूरी सेटिंग का खेल चल रहा है।
मामला दबाने का प्रयास
मोक्ष संस्था के अशीष ठाकुर का कहना है कि वह पीडि़त के बुलाने पर मदद करने के लिए मेडिकल हॉस्पिटल पहुँचा था उसे यह नहीं पता था कि उसके ऊपर हमला करने की पूरी तैयारी की गई है। उसके ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश में लगी हुई है। उसका कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट में भी इस बात का उल्लेख है कि उसे गंभीर चोटें आईं हैं उसके बाद भी पुलिस मुलायजा रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर रही है।
इनका कहना है
इस मामले मेें शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के बाद मामले की जाँच की जा रही है।
नीलेश दोहरे, थाना प्रभारी

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » अपराध » मेडिकल में एम्बुलेंस माफिया का खूनी संघर्ष: किसकी शह पर पनप रहा एम्बुलेंस माफिया,सतना तक शव ले जाने के मांगे 16 हजार