
लोकायुक्त की कार्यवाही
भोपाल/ जबलपुर (जय लोक)। आज दोपहर बाद रीवा जिले में पदस्थ एक अपर कलेक्टर रंगे हाथों 5 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हो गए । अपर कलेक्टर ने फरियादी से बटवारा फाइल पर हस्ताक्षर करने के लिए और उसके हक में फैसला देने के लिए 20 हजार रुपए की मांग की थी। लंबे समय से रिश्वत की मांग से परेशान फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त विभाग में की थी । शिकायत की पुष्टि हो जाने के बाद आज फरियादी को तय समय पर रिश्वत की रकम के 5 हजार लेकर रीवा कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर के कक्ष में भेजा गया।

फरियादी रामनिवास तिवारी ने लोकायुक्त टीम को बताया था कि 20 हजार की मांग करने पर फरियादी ने
अपर कलेक्टर के सामने मिन्नत की थी जिसके बाद अपर कलेक्टर ने रिश्वत की रकम में फरियादी को 5 हजार रुपए की छूट (डिस्काउंट) दिया था।

बची हुई रिश्वत की रकम को लेकर आज फरियादी को कलेक्ट्रेट कार्यालय में भेजा गया था।जहां पर अपर कलेक्टर को लोकायुक्त की टीम ने उनके ही कक्षा में रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
प्रकरण के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार रीवा कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी ने फरियादी रामनिवास तिवारी से बंटवारे के एक प्रकरण में राजस्व न्यायालय द्वारा उनके पक्ष में कार्यवाही करने के लिए 20 हजार की रिश्वत की मांग की थी। फरियादी रामनिवास तिवारी पहले 10 हजार दे चुके थे आज वो 5 हजार और लेकर पहुंचे थे। इसके बाद लोकायुक्त ने कार्यवाही करते हुए 5 हजार की रिश्वत लेते हुए अपर कलेक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया।

Author: Jai Lok







