
जबलपुर (जय लोक)
प. रविशंकर शुक्ल स्टेडियम खेल का मैदान है स्मार्ट सिटी ने करोड़ों रुपए खर्च कर इस शहर के खिलाड़ियों के बेहतर विकास हेतु टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदार को सौंपा है । लेकिन ठेकेदार ने इस स्टेडियम को कमाई का जरिया बनाने का काम जारी रखा है। इसके पहले भी स्टेडियम में खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने आने वाले बच्चों से मोटी रकम वसूलने की बात को लेकर हंगामा मच चुका है।
यहां तक की सुबह शाम घूमने आने वाले लोगों से भी ठेकेदार पर दबाव बनाकर मोटी रकम वसूलने के आरोप भी लग चुके है। बात इतनी बढ़ चुकी थी कि महापौर भी इस मामले को लेकर कलेक्टर को पत्र लिख ठेकेदार के व्यवहार और मॉर्निंग वॉकर से की जा रही वसूली पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। फिलहाल स्मार्ट सिटी की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ठेकेदार को किसी भी प्रकार की अनुमति देने का अधिकार नहीं है और भविष्य में भी इस प्रकार के ऐसे कोई भी आयोजन नहीं हो सकते है।। स्टेडियम में गरबे जैसा कोई भी आयोजन नहीं होने जा रहा है। कल कुछ कांग्रेसजनों द्वारा इस बात को लेकर विरोध दर्ज करवाया गया था कि पं. रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में 9 अक्टूबर को होने जा रहे गरबा कार्यक्रम नियम के विरुद्ध है। प्रवेंद्र चौहान कुछ साथियों के साथ इस बात की अपत्ति लेकर स्टेडियम पहुँचे थे।
स्थिति को स्पष्ट करते हुए स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों के कहाँ कि भविष्य में स्टेडियम में केवल खेलकूद की गतिविधियों का ही संचालन हो सकेगा, अन्य कोई और आयोजन नहीं हो सकेंगे। इस बारे में उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं जिनका सख्ती के साथ पालन किया जा रहा है।
इनका कहना है
स्मार्ट सिटी द्वारा केवल खेलकूद एवं इससे संबंधित गतिविधियों को आयोजित करने की अनुमति ठेकेदार को प्रदान की गई है। उसके अलावा किसी अन्य प्रकार की गतिविधियां स्टेडियम में आयोजित नहीं हो सकती हैं। ठेकेदार को भी इस संबंध में स्मार्ट सिटी द्वारा स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए हैं।
रवि राव, प्रशासनिक अधिकारी

Author: Jai Lok







