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वह कौमें मिट जाती हैं जो अपने महान बलिदानियों को भुला देती हैं : वीरांगना दुर्गावती के 501 वें जन्मदिवस पर वक्ताओं के विचार  

जबलपुर (जयलोक)।  गढ़ा मंडला राज्य की महान वीरांगना रानी दुर्गावती का आज 501 वां जन्म दिवस भंवर ताल स्थित वीरांगना की प्रतिमा स्थल पर मनाया गया। वीरांगना दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।  माल्यार्पण के पश्चात वक्ताओं ने शौर्य और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए मुगल साम्राज्य के अकबर के सेनापति आसफ  खां की सेना से मुठभेड़ करने के बाद अपने प्राणों की आहुति देने वाली वीरांगना दुर्गावती के बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि वह कौमें मिट जाती हैं जो अपने बलिदानियों को भुला देती हैं। आने वाली पीढ़ी को अपने बलिदानियों की स्मृतियां याद दिलाने और उनके बलिदान की गाथाओं को सुनाने के लिए उनके जन्म दिवस और बलिदान दिवस दोनों के अवसरों पर आयोजन किया जाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आदिवासी नेता सीएल मरावी, विजय सिंह मरावी, मित्र संघ के अध्यक्ष सच्चिदानंद शेकटकर ने वीरांगना दुर्गावती के बलिदान पर प्रकाश डालते हुए उनकी स्मृति को हमेशा अक्षुण्य बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मित्र संघ के संयोजक परितोष वर्मा, मित्र संघ के पदाधिकारीगण शैलेश पंडृया, संजय गुप्ता, डॉक्टर संजय मिश्रा, हरिओम हजारी, राहुल अग्रवाल के साथ ही अशोक वर्मा, चंदन रैकवार, ओमप्रकाश दुबे, अनुराधा बरमैया आदि ने भी वीरांगना दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और अर्पित की।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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