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पुराने सटोरियों ने फिर जमा लिए नेटवर्क : करोड़ों के लग रहे क्रिकेट सट्टे के दाँव पुलिस हजारों की जप्ती में खुश

हर बॉल पर लग रहे क्रिकेट सट्टे के दाँव

जबलपुर (जयलोक)
जैसे की हर मौसम और त्योहारों के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्र में व्यापार करने वाले व्यापारियों के लिए सुलभ समय आता है वैसा ही समय इन दिनों अवैध सट्टे का व्यापार करने वाले सटोरियों के लिए आईपीएल 2024 के रूप में आया हुआ है। आईपीएल के मैच में हर बॉल पर सट्टा लग रहा है। सटोरिए लाखों-करोड़ों रूपये के दांव लगा रहे हैं। पुलिस छुटभईये सटोरियों से मामूली रकम जप्त करके ही खुश होती नजर आ रही है।
सिर्फ  जबलपुर शहर की बात करें तो सटोरियों की दुनिया से जुड़े लोगों का दावा है कि रोजाना लाखों-करोड़ों रुपए के दाँव हार-जीत के रूप में हर दिन यहाँ से लग रहे हैं। क्रिकेट सट्टे व्यापार में बड़े बुकी कई बार पकड़े जाने के बाद पुलिस के लिए चुनौती के रूप में खड़े नजर आ रहे हैं। शायद इन्हें पता है कि पकड़े जाने पर उनके खिलाफ  होने वाली कार्यवाही अवैध धंधे से होने वाली अवैध कमाई के आगे बहुत छोटी है।
इस बात की भी चर्चाएं सरगर्म हैं कि सट्टे के बड़े बुकियों ने काम के पुलिस वालों को पहले ही सेट कर लिया है जो उनके सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। क्रिकेट सट्टे बुकिंग का पूरा खेल मोबाइल पर होता है इसलिए बड़े सटोरिये पहले ही शहर छोड़ कर आसपास के पर्यटन स्थलों फार्म हाउस में अपना डेरा जमा लेते हैं। यहीं से इनका सट्टे का कारोबार संचालित होता है और शहर में उनके अधीनस्थ काम करने वाले गली कूचों में स्थापित छोटे बुकी सक्रिय रहते हैं। पुलिस की गिरफ्त में ऐसे ही छोटे बुकिंग करने वाले सटोरिया हाथ आते हैं। जिनसे बरामद होने वाली हजारों रुपए की राशि को बरामद कर या इसका लेखा-जोखा बरामद कर पुलिस खुश हो जाती है।
लाखों रुपए जाते हैं पुलिस को
क्रिकेट सट्टे के बाजार से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि हर महीने लाखों रुपए कमीशन या रिश्वत के रूप में अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग स्तर पर पुलिस के अधिकारियों से लेकर सिपाहियों तक को वितरित होते हैं। हालांकि इस बात को ना तो कभी पुलिस का कोई वरिष्ठ अधिकारी स्वीकार करता है और ना ही कोई अधीनस्थ इस बारे में हामी भरता है वे सभी दूध के धुले और कांच की तरह पारदर्शी होने का दावा करते हैं।
काली कमाई का काला लेनदेन चोरी छुपे हो जाता है इसलिए इसके प्रमाण आसानी से उजागर नहीं होते। लेकिन जिन सिपाहियों और प्रधान आरक्षक से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति दो से तीन साल में ही 3 से 4 गुना हो चुकी है उनके कृत्य खुद ही इस बात की गवाही देते हैं की दूध के धुले होने से भी पैसे की बारिश नहीं रुकती।
सटोरियों के दांव के आगे पुलिस का दांव नहीं आ रहा काम
आईपीएल 2024 का आयोजन अभी जारी है। इसका सीधा सा मतलब है कि सट्टे का कारोबार भी अभी जारी है। कुछ एक कार्यवाहियाँ पुलिस ने छोटे स्तर पर जरूर की हैं। ये कार्रवाहियाँ शहर में और ग्रामीण क्षेत्रों में भी की जा रही हैं। लेकिन बड़े सटोरियों और बुकियों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुँच पा रहे हैं यह अभी बड़ा सवाल उठ रहा है। पुराने सटोरिये फिर से अपना नेटवर्क जमा चुके हैं। हर मैच की हर गेंद, हर ओवर, हर विकेट, हर चौके छक्के पर सटोरिये दांव लगा रहे हैं। लेकिन इनको पकडऩे के लिए पुलिस का कोई भी दांव काम नहीं आ रहा है। स्वाभाविक सी बात है कि पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तो स्वयं जाकर गली-गली जानकारियाँ एकत्रित नहीं करेंगे। लेकिन जिनके भरोसे जानकारियाँ एकत्रित करने का काम है उनकी जेब इतनी भरी हुई हैं कि गले से आवाज शायद ही बाहर निकल पाए।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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