
जबलपुर (जयलोक)। पनागर क्षेत्र के रैपुरा अंतर्गत एक फार्म हाउस में हैदराबाद से लाए गए घोड़े फिर चर्चा में है। यहां पहले 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। तो अब वहीं दस घोड़े लापता हो गए हैं। जिसकी जानकारी किसी के पास नहीं हैं। घोड़ों की मौत का मामला पूरी तरह से सुलझा भी नहीं था कि अब दस घोड़े अचानक लापता होने से जिला प्रशासन के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा घोड़ों को खोजने का काम भी शुरू कर दिया गया है। 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। यह मामला सुर्खियों में बना हुआ था कि अब एक और परेशानी सामने आ गई। यहां से दस घोड़े गायब पाए गए हैं।

फार्म हाउस संचालक से माँगा जवाब
पशुपालन विभाग की टीम ने सभी घोड़ों को ग्लैंडर्स बीमारी की आशंका के चलते निगरानी में रखा था। इसी बीच फार्म हाउस पर रखे गए घोड़ों की ताजा गिनती में 10 घोड़े गायब पाए गए। जब जिला प्रशासन ने फार्म हाउस संचालक से जवाब मांगा, तो वह संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इससे प्रशासन और भी अधिक सतर्क हो गया है। घोड़ों की संख्या में बड़ी कमी और लगातार हो रही मौतों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।
चुनौती बन गया प्रकरण
अधिकारी जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने की तैयारी में हैं। वहीं पशुपालन विभाग की टीम भी फार्म हाउस की निरंतर निगरानी कर रही है। रैपुरा फार्म हाउस का यह पूरा प्रकरण स्थानीय प्रशासन, पशुपालन विभाग तथा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, घोड़ों के लापता होने का रहस्य अब तक कायम है।

परिवहन व आवास में गंभीर चूक का आरोप
अधिकारियों की प्रारम्भिक जाँच में आया है कि घोड़ों का सडक़ मार्ग से परिवहन, मेडिकल सर्टिफिकेटों की अनुपस्थिति और रैपुरा के फार्म पर उपलब्ध सुविधाओं में गंभीर कमी होने के आरोप लग रहे हैं। जांच में यह भी मिला कि कई घोड़े गो-पालन/बैल-ठेके जैसी जगहों पर रखे गए, जहाँ घोड़ों के लिए उपयुक्त सुव्यवस्थित जगह नहीं थी जिससे संक्रमण और स्वास्थ्य बिगडऩे की आशंका जताई जा रही है।
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Author: Jai Lok







