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अध्यक्ष के निर्णय पर गुटबाजी हावी, महिला, एसटी वर्ग के बाद दो विधायकों के नामों की भी एंट्री

जल्द हो सकती है घोषणा, भोपाल में नेताओं का डेरा

जबलपुर (जय लोक)। भाजपा नगर अध्यक्ष पद की घोषणा अंतिम दौर में है। जिसके कारण गुटबाजी का दौर चरम पर है। भोपाल से लेकर संस्कारधानी तक जो चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में सरगर्म हुई हंै इसमें नगर अध्यक्ष पद के लिए दो विधायकों के नाम भी चर्चाओं में जोर पकड़ चुके हंै। हालांकि इन दो नाम में से एक विधायक का नाम अनुभवी और सुलझे हुए नेता के रूप में लिया जाता है साथ ही उन पर किसी गुट विशेष का ठप्पा नहीं लगा है। जिसके कारण इन चर्चाओं की गंभीरता को बल मिल गया है। इसके साथ ही रायशुमारी के दौरान लिए गए नाम में महिला और एक अनुसूचित जाति का नाम अनिवार्य रूप से भरने की शर्त ने नए समीकरणों की संभावना को जन्म दे दिया है। सवर्ण समाज के दावेदारों की जोर आजमाइश चालू है और उनको नजर अंदाज करना भी आसान नहीं है। जबलपुर के कई नेता भोपाल में डेरा डाले हैं, इन नेताओं में महिलाएं भी शामिल हैं।

आज और कल भोपाल में बैठक

पार्टी सूत्रों के अनुसार आज गुरुवार और कल शुक्रवार को जिला अध्यक्षों के नाम के लिए बनने वाले पैनल के संबंध में प्रदेश कार्यालय में नामों पर मंथन किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानन्द एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर अन्य मुख्य लोगों के साथ इस बैठक हमें शामिल होंगे और दिल्ली भेजे जाने के वाले जिला अध्यक्षों के नामों के पेनलों को अंतिम रूप देंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बैठक में चुनाव अधिकारी एवं पर्यवेक्षक को भी शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इसके साथ ही और विधायकों से भी उनकी राय लेने का कार्य किया जाएगा और जल्द ही इस हेतु उन्हें भोपाल बुलाया जाएगा।
कल से इस पूरे मसले को लेकर एक नई चर्चा सरगर्म हुई है जिसमें विधायक अशोक रोहाणी और डॉ. अभिलाष पांडे का नाम भी संभावित अध्यक्ष के रूप में चर्चा में आ गया है। विधायक अशोक रोहाणी को लेकर प्रारंभ हुई चर्चा को गंभीरता से इसलिए भी लिया जा रहा है क्योंकि विधायक अशोक रोहाणी को किसी भी गुट विशेष का नहीं माना जाता है। वे नगर के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों से संबंध और समन्वय बनाकर कार्य करते हैं। संगठन के कार्यों में भी वह आगे रहते हैं और पूरी सक्रियता के साथ संगठन और पार्टी का कार्य करने का अनुभव भी रखते हैं। उनके नाम पर किसी भी प्रकार का बड़ा विरोध सामने नहीं है। दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष के खास माने जाने वाले विधायक अभिलाष पांडे का नाम भी अंतिम दौर में अचानक से चर्चा में आया है।

38 नाम गए हैं भोपाल

पार्टी सूत्रों का कहना है कि जबलपुर से अध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी के बाद प्रभारी  बंसीलाल गुर्जर 38 नाम लेकर भोपाल गए है। अंतिम दौर में अचानक से चर्चा में आये विधायकों के नामों पर एक राय नहीं बन पा रही है और दूसरे प्रभावी गुट ने कुछ नामों पर अपनी आपत्ति भी दर्ज की है। ऐसे में एक नाम का समन्वय बनाना कठिन प्रतीत हो रहा है।

संगठन के व्यक्ति को मिल सकती है जिम्मेदारी

सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति के नाम पर समन्वय बन सकता है जो संगठन के कार्य का अनुभवी हो और सभी जनप्रतिनिधियों से जिसका तालमेल बेहतर हो, गुट विशेष का ठप्पा ना लगा हो, सभी वरिष्ठ और युवाओं को साथ में लेकर चलने में सक्षम हो। इसके साथ ही एक ही व्यक्ति को दो पद देने का विवाद भी खड़ा हो सकता है। इसलिए पार्टी नए नाम पर विचार कर इन खूबियों वाले व्यक्ति को नगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का कार्य करने की तैयारी में है।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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