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अपने लिखे शब्दों से हमेशा यादों में बने रहेंगे अमोल : कलेक्टर निवास पर पुत्र को श्रद्धांजलि देने पहुचें सैकड़ों लोग

जबलपुर (जय लोक)। जिले के कलेक्टर दीपक सक्सेना और उनके परिवार पर विगत 2 जून को बड़ा वज्राघात हुआ था। उनके 20 वर्षीय पुत्र अमोल की हीटवेव के बाद तबियत बिगड़ गई थी और फिर ईश्वर की मर्जी अनुसार अमोल परलोक की यात्रा पर रवाना हो गए। परिजनों के अलावा बहुत ही कम लोग यह जानते थे कि अमोल 20 साल की उम्र में बहुत अच्छे लेखक के रूप में धीरे-धीरे अपनी पहचान स्थापित कर रहे थे। अमोल जब कक्षा 9 वीं  में थे और उसे वक्त कम उम्र में ही उनके लिखे पहले नॉवेल का प्रकाशन भी हुआ था। कम उम्र में ही अमोल ने अंदर के लेखक को मुखरता से उजागर करना शुरू कर दिया था। उनके लिखे कुछ अंशों को कुछ फिल्मों और वेब सीरीज में शामिल भी किया गया है। फ्रिक्शन पर लिखने का शौक अमोल में था और इसी को वह अपना कैरियर भी बनाना चाहते थे। इसकी तैयार वो दिल्ली में रहकर कर रहे थे । आज कलेक्टर निवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में ऐसी बहुत सारी बातें साँझा हुई। दिवंगत पुण्य आत्मा को श्रद्धांजलि देते हुए यह कहा गया कि अपने लिखे शब्दों से हमेशा परिजनों के बीच अमोल बने रहेंगे।
कलेक्टर निवास पर कलेक्टर दीपक सक्सेना के पुत्र को श्रद्धांजलि देने के लिए साधु संत समाज, राजनीतिक क्षेत्र के गणमान्यजन, पत्रकार जगत के लोग, सभी प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित हुए। कलेक्टर दीपक सक्सेना के पुत्र शोक के इस दुख में सहभागी बनने के लिए बड़ी संख्या में सेवानिवृत हो चुके वरिष्ठ अधिकारी और कलेक्ट्रेट एवं पुलिस प्रशासन के पूर्व अधिकारी भी श्रद्धांजलि सभा में पहुँचे।
आमजनों ने भी दी श्रद्धांजलि – कलेक्टर के रूप में दीपक सक्सेना की कार्यप्रणाली से प्रभावित संस्कारधानी के लोगों ने भी उनके इस दुख में श्री सक्सेना को संबल प्रदान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि सभा में पहुँचकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके दुख में अपनी सहभागिता प्रकट की।
सोमवार को कार्यभार संभालेंगे – कलेक्टर दीपक सक्सेना और उनके परिवार में घटित हुई इस अप्रत्याशित दुखद घटना के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना अवकाश पर थे। सोमवार 17 जून वे फिर से अपनी जिम्मेदारियाँ का निर्वहन करने पदभार संभालेंगे।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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