
जबलपुर (जय लोक)। पारे की तेज चाल में जिंदगी की चाल धीमी पड़ गई है। सुबह 9 बजे से पारा तमतमाने लगता है। हर दिन पाई पाई पारा चढ़ रहा है, बुधवार को पारा 44.09 डिग्री पर पहुंचा, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक रहा। दोपहर में सडक़े वीरान हो गईं, व्यापार व्यवसाय ठप्प नजर आ रहा है। वहीं आज सुबह से ही पड़ रही गर्मी को देखकर प्रतीत हो रहा है कि आज पारा 45 डिग्री पर पहुँच जाएगा। एक हफ्ता पूर्व के दिनों को देखा जाए तो 40 डिग्री के बाद पारा निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज की गर्मी और पारे की चाल देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि आज पारा 45 डिग्री पर पहुँच सकता है।

इस झुलसाने वाली गर्मी के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से बेहाल हो गया है और लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग के पूवानज़्ुमान के अनुसार आगामी दिनों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में और उछाल आने और गर्मी के तेवर अधिक तीखे होने की संभावना है। आने वाले दिनों में शुष्क मौसम के कारण लोगों को तेज धूप और लू जैसी स्थिति से जूझना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार जबलपुर में मौसम शुष्क बना हुआ है। आसमान एक दम साफ है। पश्चिमी हवाएं भी वातावरण को गर्म कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस सामान्य दर्ज किया गया। पश्चिमी हवाएं 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। प्रदेश में सबसे अधिक 47 डिग्री तापमान नौगांव जिले में दर्ज किया गया। अगले 24 घंटों के दौरान आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है।

कूलर एसी हुए बेहाल
पारे की चाल के आगे कूलर, एसी, पंखे सब बेहाल हो गए हैं। वहीं देशी फ्रिज मटकों का भी इसी भीषण गर्मी में दम निकल गया है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों की ओर भाग रहे हैं। यहीं कारण है कि शाम होते ही सिविक सेंटर चौपाटी के आसपास लोगों की भीड़ देखी जा रही है। दुकान संचालकों का कहना है कि भीषण गर्मी में ठंडे पेय पदार्थों की माँग बढ़ गई है।


स्कूली बच्चों को राहत
भीषण गर्मी में स्कूल जाने वाले बच्चों को कुछ राहत मिल रही है। ग्रीष्म कालीन अवकाश होने के कारण अभी बच्चे घरों में हैं। लेकिन जून में स्कूल खुलते ही स्कूल आना जाना शुरू हो जाएगा। मई में पड़ रही गर्मी को देखकर अभिभावकों का कहना है कि अगर यहीं हालात जून में रहे तो बच्चों को परेशानी हो सकती है।
Author: Jai Lok






