
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसते हुए रविवार को काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) के नेतृत्व में घाटी के कई जिलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। सीआईके की टीमों ने कुलगाम और शोपियां जिलों में संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
शोपियां के नादिगाम इलाके में दिवंगत गुलाम हसन गनी के बेटे इरफान अहमद गनी के मकान पर भी दबिश दी गई। यह कार्रवाई आतंकवाद से जुड़े एक संवेदनशील मामले की कडिय़ों को जोडऩे के लिए की गई है।
इससे पहले शनिवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी सीमा पार आतंकी साजिश के मामले में कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर सहित 10 अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे थे। यह पूरी जांच पाकिस्तान में बैठे लश्कर के आकाओं और उनके स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) नेटवर्क से जुड़ी है, जो घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को रसद, हथियार और अन्य सहायता मुहैया कराते हैं। इस संयुक्त अभियान में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भी अहम भूमिका निभाई। इस कड़ी का मुख्य खुलासा 31 मार्च 2026 को एक नाके पर लश्कर से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर की गिरफ्तारी के बाद हुआ था, जिसके पास से हैंड ग्रेनेड और कारतूस बरामद किए गए थे।
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