
जबलपुर (जयलोक)। नर्मदा तट के कालीधाम में वर्षों से साधना कर रहे श्री दंडी स्वामी कालिकानंद जी सरस्वती ने आज अपनी देह का परित्याग कर देवलोकगमन किया। उन्हें जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी सरस्वती ने दंड दीक्षा भी दी थी। श्री कालिकानंद जी सरस्वती पंचखंड द्वादश पीठाधीश्वर के रूप में अभिशिक्त हुए। उनके निधन से शहर के धार्मिक जगत में शोक छाया हुआ है। दो दिनों पूर्व ही एकादशी के दिन जबलपुर के सभी संतों को अपने साथ बैठा कर अत्यंत प्रेम के साथ भोजन कराया। सभी को देख कर इतने आनंदित हुए कि खुशी से तालियां बजाने लगे। सभी को दक्षिणा देकर सम्मान से विदा किया और संतों से मिल कर स्वयं विदा हो गए।

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